MP assembly election 2023 में इकबाल के शेर की दहाड़, 'गुफ्तार का ये गाजी तो बना, किरदार का गाजी बन न सका'- उमा
MP assaimbly election 2023: बीजेपी की फायर ब्रांड नेत्री और एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एक बार फिर चर्चा में हैं। एमपी चुनाव में ऐसे वक्त जब पार्टी आधी से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी हैं और नामांकन की घड़ी सिर पर हैं। उमा ने कई ट्वीट किए हैं। जिसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
उमा भारती की बातों ने राजनीतिक हलचल मचा दी हैं। करीब हफ्ते भर पहले बीजेपी ने 57 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। उसके बाद यह उमा भारती ने यह tweet किया हैं। चुनाव घोषणा के पहले भी ओबीसी आरक्षण मुद्दे पर उमा अपने मन की बात कह चुकी हैं।

उमा भारती ने ट्वीट में लिखा है कि- सूची को लेकर उनके मन में आश्चर्य और प्रसन्नता का भाव है और इस बारे में उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को बता दिया है। आगे लिखा है कि-
'हमने शायद जीतने की योग्यता को ही आधार मान लिया है। लेकिन हमें जीतने की लालसा एवं पराजय के भय से मुक्त होना चाहिए।'
उमा ने लिखा कि हमारी पार्टी भाजपा के उम्मीदवारों की चौथी सूची आ चुकी है। भाजपा उम्मीदवारों की इन चारों सूची के बारे में मप्र के हमारे कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से बात करके मेरी जो धारणा बनी है, उससे सभी को और मुझको आश्चर्य एवं प्रसन्नता का मिला-जुला भाव है। उससे मैंने दिल्ली एवं मध्यप्रदेश के सभी वरिष्ठ भाजपा नेतृत्व को अवगत करा दिया है। हमने शायद जीतने की योग्यता को ही आधार माना है। हमारी पार्टी निष्ठा एवं नैतिक मूल्यों की पुजारी रही है।हमें हमेशा जीतने की लालसा एवं पराजय के भय से मुक्त होना चाहिए और दिखना भी चाहिए।
इकबाल के शेर की एक लाइन-
गुफ्तार का ये गाजी तो बना, किरदार का गाजी बन न सका। अभी तो आखरी सूची के बाद हम इसका भी आंकलन कर लेंगे कि कितने पिछड़े वर्गों की महिलाओं को टिकट मिले। इससे मेरी पिछड़े वर्गों की महिलाओं के आरक्षण की मांग सबको सही लगेगी।












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