मध्य प्रदेश: 2022 तक अनुसूचित जाति बहुल 1000 से ज्यादा गांव बनेंगे स्मार्ट, 159 करोड़ रुपए आएगा खर्चा

भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार राज्य में अनुसूचित जाति के 1033 गांवों को स्मार्ट बनाने की तैयारी पूरी कर चुकी है। राज्य सरकार की तरफ से हर गांव पर 20 लाख रुपए के खर्च से इन गांवों की तस्वीर बदलने की कोशिश है। स्मार्ट बनने के बाद ये गांव ग्राम विकास योजना के तहत आदर्श बन पाएंगे। आपको बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से इस योजना के लिए निश्चित राशि दी जा चुकी है। इन गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए 31 मार्च 2022 तक का लक्ष्य रखा गया है।

Shivraj Singh Chouhan

गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए होंगे ये काम

आपको बता दें कि इस योजना के लिए केंद्र की तरफ से राज्य सरकार को 159.72 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस राशि से अनुसूचित जाति बहुल गांवों में से 994 गावों के विकास के लिए ग्राम विकास योजना तैयार की है। सरकार इन गांवों के विकास के लिए ऐसे सिस्टम का उपयोग कर रही है जो अब तक इस्तेमाल नहीं हुआ। इन गांवों में प्रमुख रूप से आंतरिक सड़क निर्माण, नाली निर्माण, स्ट्रीट-लाइट, आंगनबाड़ी भवन, शाला भवन, पेयजल सुविधा जैसे बुनियादी काम प्राथमिकता के साथ होने भी लगे। प्रदेश के चयनित गांवों के विकास के लिए 159 करोड़ में से 32 करोड़ रुपए की राशि ग्रामीण प्रशासन को दी जा चुकी है, जिसे मिलते ही ग्रामीण प्रशासन लक्ष्य पूरा करने में जुट गए।

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