MP News: मोहन यादव सरकार ने कांग्रेस विधायकों से भी मांगे पांच करोड़ रुपए के विकास कार्यों के प्रस्ताव
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने कांग्रेस विधायकों से भी 5-5 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे हैं। दरअसल, पिछले दिनों विधानसभा बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए थे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विधायकों ने पिछले हफ्ते राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की थी। विधानसभा भवन में विरोध से लेकर गवर्नर तक मुलाकातों के बाद अब सरकार ने विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे हैं।

बजट सत्र के दौरान, कांग्रेस विधायकों ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों से विकास कार्यों के लिए 15-15 करोड़ के प्रस्ताव मांगे हैं, जो सड़क निर्माण, सामुदायिक भवन, अतिरिक्त कक्ष जैसे तमाम कार्यों को शामिल करते हैं। इसकी जानकारी मिलने पर, कांग्रेस विधायक मोहन सरकार पर भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल से मिलने के बाद 8 फरवरी को मीडिया से चर्चा में कहा, "प्रदेश में जिस तरह से व्यवस्था चल रही है, भाजपा अपने विधायकों से 15 करोड़ और सांसदों से 50 करोड़ के प्रस्ताव मंगा रही है। मुख्यमंत्री ने जो शपथ ली उसमें सबके प्रति न्याय, नियम कानून के अनुसार सभी बराबर हैं। कांग्रेस विधायकों के क्षेत्र से 15 करोड़ के प्रस्ताव नहीं मंगाए जा रहे। चूंकि हमारी विधानसभाओं में भी सभी समाज के लोग हैं, उनकी भी जरूरत के अनुसार सड़क, स्कूल, अस्पताल बनना चाहिए। क्या भाजपा प्रदेश की जनता के साथ ऐसा मजाक कर रही है? यही हमने राज्यपाल जी से अनुरोध किया है कि आप सरकार को निर्देशित करें। आप इस तरह से कांग्रेस बीजेपी में भेदभाव ना करें। निष्पक्ष रूप से विकास के लिए सभी को राशि आवंटित कराएं।"
मनावर से कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा, "मप्र की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जहां भाजपा के शासन में बीजेपी और कांग्रेस के बीच भेदभाव साफ दिखाई दे रहा है। आज कोई भी विधायक जनता के माध्यम से चुनकर आता है। जब सरकार बनती है तो सरकार सबकी होती है। लेकिन भाजपा सत्ता में आने के बाद जनता के साथ बीजेपी, कांग्रेस का भेदभाव कर रही है।"
सरकार ने बीजेपी विधायकों से 15-15 करोड़ के प्रस्ताव मांगे हैं, लेकिन कांग्रेस विधायकों ने स्पीकर साहब से अनुरोध किया तो कांग्रेस विधायकों से सिर्फ 5-5 करोड़ के प्रस्ताव मांगे हैं। वो भी गारंटी नहीं है कि सरकार हमारे क्षेत्र में फंड देगी। हम ये चाहते हैं कि जब बीजेपी विधायकों से 15 करोड़ के प्रस्ताव मांगे गए तो कांग्रेस विधायकों के क्षेत्र में भी 15 करोड़ के ही काम मंजूर किए जाएं, ताकि जो भाजपा का नारा है सबका साथ, सबका विकास, वह फिर बीजेपी-कांग्रेस के विधायकों में भेदभाव नहीं हो।
सरकार की ओर से प्रस्ताव लेने की सहमति मिलने के बाद, कांग्रेस विधायकों ने अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाकर सीएम को देने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार देर शाम तक, करीब 57 विधायकों ने अपने प्रस्ताव सीएम सचिवालय को भेजे हैं। कई विधायकों ने 5 करोड़ के बजाए 8 और 10 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर भेजे हैं।












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