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MP News: केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ट्रेन में रहस्यमय ढंग से गायब, मचा हड़कंप, फिर घायल अवस्था में मिले!

Minister Jual Oraon missing: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव के साथ शनिवार, 3 मई 2025 की रात एक रहस्यमय घटना घटी, जिसने रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया। दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गोंडवाना एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12410) में सवार होकर जबलपुर आ रहे जुएल उरांव ट्रेन में अचानक लापता हो गए।

रविवार सुबह दमोह स्टेशन पर उनकी बर्थ खाली पाई गई, जिसके बाद रेलवे और पुलिस ने तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे की गहन खोज के बाद वे 162 किलोमीटर दूर सिहोरा स्टेशन पर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12182) के कोच बी3 की बर्थ नंबर 57 पर घायल अवस्था में मिले। उनके हाथ-पैर पर चोट के निशान थे, और इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

Union minister missing from train found 162 km away Panic from Delhi to Jabalpur search operation

जानिए पूरी घटना, गोंडवाना एक्सप्रेस से लापता, संपर्क क्रांति में मिले

जुएल उरांव, जो ओडिशा के सुंदरगढ़ से 17वीं लोकसभा के सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं, शनिवार रात हजरत निजामुद्दीन से गोंडवाना एक्सप्रेस में सवार हुए थे। वे जबलपुर में एक आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, वे आखिरी बार रात करीब 11 बजे अपनी बर्थ पर देखे गए थे। ट्रेन के दमोह स्टेशन पर सुबह 3:45 बजे पहुंचने पर उनके निजी सहायक (PA) ने पाया कि उनकी बर्थ खाली है। उनके सामान और मोबाइल फोन भी बर्थ पर नहीं थे, जिससे हड़कंप मच गया।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचित किया गया। गोंडवाना एक्सप्रेस को दमोह स्टेशन पर रोककर तलाशी ली गई, लेकिन मंत्री का कोई सुराग नहीं मिला। रेलवे ने ट्रेन के सभी कोच, स्टेशन परिसर और ट्रैक की गहन जांच शुरू की। इस बीच, जबलपुर और कटनी के RPF और GRP को भी अलर्ट कर दिया गया।

करीब तीन घंटे बाद सुबह 6:55 बजे सिहोरा स्टेशन पर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जुएल उरांव संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के कोच बी3 की बर्थ नंबर 57 पर बैठे मिले। उनके हाथ और पैर पर हल्की चोटों के निशान थे, और वे थोड़े असहज दिख रहे थे। RPF ने तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार दिलवाया और जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।

क्या हुआ था? शुगर लो होने और पैर फिसलने की थ्योरी

सूत्रों और प्रारंभिक जांच के आधार पर जो कहानी सामने आई है, वह रहस्य और संयोग से भरी है। बताया जा रहा है कि सुबह 3:45 बजे दमोह स्टेशन पर जुएल उरांव अपनी बर्थ से नीचे उतरे। संभवतः उन्हें लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) की शिकायत हुई, जिसके कारण वे असहज महसूस करने लगे। उस समय गोंडवाना एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर खड़ी थी और चलने वाली थी।

जैसे ही ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी, जुएल उरांव ने जल्दबाजी में ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। इस दौरान उनका पैर फिसल गया, और वे प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। उनके हाथ और पैर पर हल्की चोटें आईं। उसी समय, दमोह स्टेशन के दूसरे प्लेटफॉर्म पर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (अजमेर-दया बस्ती) खड़ी थी। असमंजस की स्थिति में जुएल उरांव ने गलती से इस ट्रेन में चढ़ लिया और कोच बी3 की बर्थ नंबर 57 पर बैठ गए।

हालांकि, यह थ्योरी कई सवाल खड़े करती है। अगर मंत्री को चोट लगी थी, तो उन्होंने अपने स्टाफ या RPF को क्यों नहीं सूचित किया? उनका मोबाइल फोन कहां गया? और क्या यह संभव है कि इतने बड़े नेता की गलती से दूसरी ट्रेन में चढ़ने की घटना को कोई नोटिस न करे?

Minister Jual Oraon missing: हरदुआ का रहस्य: ट्रेन रुकी ही नहीं!

जुएल उरांव के निजी सहायक ने दावा किया कि मंत्री हरदुआ स्टेशन से लापता हुए। लेकिन रेलवे के रिकॉर्ड और गोंडवाना एक्सप्रेस के शेड्यूल के अनुसार, यह ट्रेन हरदुआ स्टेशन पर रुकती ही नहीं है। यह दावा जांच में एक नया मोड़ ला सकता है। रेलवे के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (DCM) डॉ. मधुर वर्मा ने स्पष्ट किया, "गोंडवाना एक्सप्रेस का हरदुआ में कोई ठहराव नहीं है। हमारी जांच दमोह स्टेशन पर केंद्रित है, जहां मंत्री की बर्थ खाली पाई गई।"

रेलवे और पुलिस की कार्रवाई, त्वरित प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। सिहोरा RPF पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया, "हमें सुबह 6:30 बजे सूचना मिली कि केंद्रीय मंत्री गोंडवाना एक्सप्रेस से लापता हैं। हमने तुरंत सिहोरा स्टेशन पर सभी ट्रेनों की जांच शुरू की। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में मंत्री जी को बरामद किया गया। उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल इंतजाम किए गए।"

जबलपुर GRP थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने कहा, "मंत्री जी को सिहोरा स्टेशन पर सुरक्षित पाया गया। उनके हाथ और पैर पर मामूली खरोंच थीं, जिनका प्राथमिक उपचार किया गया। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि वे दूसरी ट्रेन में कैसे पहुंचे।" जबलपुर पहुंचने पर जुएल उरांव को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की गई, और उनके परिवार को सूचित किया गया।

Minister Jual Oraon missing: जुएल उरांव की चुप्पी: कोई आधिकारिक बयान नहीं

इस पूरे घटनाक्रम पर जुएल उरांव या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर है, और उन्हें जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। लेकिन उनकी चुप्पी ने इस मामले को और रहस्यमय बना दिया है। क्या यह सिर्फ एक हादसा था, या इसके पीछे कोई और कहानी है?

रेलवे सुरक्षा पर सवाल: VIP यात्रियों की निगरानी में चूक?

यह घटना रेलवे की VIP यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जुएल उरांव जैसे केंद्रीय मंत्री, जिन्हें Z-श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, का इस तरह लापता होना और दूसरी ट्रेन में मिलना रेलवे की निगरानी में बड़ी चूक को दर्शाता है। रेलवे नियमों के अनुसार, मंत्रियों और VIP यात्रियों की यात्रा के दौरान RPF और GRP को विशेष निगरानी रखनी होती है। फिर भी, दमोह स्टेशन पर उनकी अनुपस्थिति को तुरंत नोटिस क्यों नहीं किया गया?

जबलपुर के रेलवे विशेषज्ञ प्रो. रमेश शर्मा ने कहा, "यह घटना रेलवे की सुरक्षा प्रणाली में खामियों को उजागर करती है। VIP यात्रियों की बर्थ और गतिविधियों पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होनी चाहिए। इस मामले में RPF और स्टाफ की लापरवाही साफ दिखती है।"

जुएल उरांव: एक अनुभवी राजनेता का प्रोफाइल

जुएल उरांव (जन्म: 22 मार्च 1961) ओडिशा के सुंदरगढ़ से BJP सांसद और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री हैं। वे 12वीं, 13वीं, 14वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वे देश के पहले जनजातीय मामलों के मंत्री बने थे। 1989 में BJP में शामिल होने के बाद उन्होंने ओडिशा में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। वे उरांव आदिवासी समुदाय से आते हैं और सरना धर्म को मानते हैं।

इस घटना से पहले भी जुएल उरांव अपनी सक्रियता और जनसंपर्क के लिए जाने जाते रहे हैं। लेकिन इस रहस्यमय घटना ने उनके राजनीतिक करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

मध्य प्रदेश में ट्रेनों से लापता होने की घटनाएं

मध्य प्रदेश में ट्रेनों से यात्रियों के लापता होने की घटनाएं पहले भी सुर्खियां बटोर चुकी हैं। 2023 में भोपाल-हबीबगंज स्टेशन से एक व्यवसायी गोंडवाना एक्सप्रेस से लापता हो गया था, जिसे बाद में कटनी में पाया गया था। 2024 में इटारसी स्टेशन पर एक नाबालिग लड़की ट्रेन से गायब हो गई थी, जिसे GRP ने 48 घंटे बाद रेस्क्यू किया था। लेकिन एक केंद्रीय मंत्री का इस तरह लापता होना पहली बार हुआ है, जिसने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

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