निकाय चुनाव: रूठकर घर बैठे विधायक को मनाने पहुंचे मंत्री भूपेंद सिंह, असंतुष्ठों की पूछपरख का दौर शुरू
सागर, 16 जून। मप्र की सागर विधानसभा में नगरीय निकाय चुनाव के टिकट वितरण में उपेक्षा और महापौर-पार्षद दावेदारों के टिकट कटने से सागर विधायक शैलेंद्र जैन रूठ कर घर बैठ गए थे। वे बीते तीन दिन से घर को कोप भवन बनाकर बाहर नहीं निकले। चुनाव की नजाकत को देख नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर पूरे लाव-लश्कर के साथ बीती शाम अचानक उनके घर पहुंच गए। करीब आधा घंटे तक दोनों के बीच बातचीत चलती रही, जिसके बाद दोनों मुस्कराते हुए बाहर आए।

सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन अपने पुराने समर्थकों के लिए महापौर का टिकट मांग रहे थे, जिनके नाम उन्होंने आगे बढाए थे वे संगठन के काफी पुराने लोग और पदाधिकारी थे, लेकिन उनके सारे नामों को दरकिनार करते हुए भाजपा आलाकमान ने मंत्री भूपेंद्र सिंह के खासमखास माने जाने वाले डॉ सुशील तिवारी की पत्नी संगीत तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। मंगलवार को टिकट की घोषणा होने के बाद से विधायक शैलेंद्र जैन खफा बताए जा रहे हैं, वे न तो बीजेपी कार्यालय पहुंचे न प्रत्याशी के साथ खडे हुए। भाजपा के प्रत्येक आयोजन और कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति भाजपा के गलियारों से लेकर शहर की गलियों तक में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मंत्री सिंह से सवाल हुआ तो सीधे जैन के घर पहुंच गए
बुधवार शाम को भाजपा कार्यालय में निकाय चुनाव की संभागीय चयन समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें संभाग से मंत्री, सभी सदस्य विधायक, सांसद व संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जब मंत्री से विधायक शैलेंद्र जैन की अनुपस्थिति और खफा होने का सवाल किया गया तो उन्होंने इतना ही कहा कि वे खफा नहीं है, चुनाव का संचालन वे ही करेंगे। पीसी खत्म कर मंत्री बीजेपी कार्यालय से रवाना हुए और रास्ते में स्थित विधायक के घर पहुंच गए। यहां विधायक जैन और मंत्री के बीच सौहार्दपूर्ण महौल में काफी देर तक चर्चा होती रही। बताया जा रहा है कि विधायक जैन की नाराजगी को लेकर भी खुलकर बात हुई है। विधायक ने किसी भी तरह की नाराजगी से इंकार करते हुए चुनाव में पूरे मनोयोग से काम करने का आश्वासन दिया है।
भाई और बहु के कारण हांसिए पर आए विधायक जैन
भाजपा के नेता और मंत्री सहित संगठन के लोग भले यह कहें कि कहीं कोई नाराजगी नहीं है, विधायक शैलेंद्र जैन खफा नहीं है, लेकिन निकाय चुनाव के टिकट चयन व बैठकों में उनकी अनुपस्थिति साफ तौर से बताती है कि उनकी उपेक्षा की जा रही है। इसके पीछे सबसे बडा कारण उनके छोटे भाई और कांग्रेस के पूर्व विधायक सुनील जैन की पत्नी को कांग्रेस की तरफ से सागर में महापौर प्रत्याशी बनाया जाना है।












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