रंगे हाथों पकड़ा गया SI का सहयोगी, फरियादी से 30 हजार की घूस लेते लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा
Mandsaur News: उज्जैन लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मंदसौर जिले के गरोठ में थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर के सहयोगी को तीस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबौच लिया है।
लोकयुक्त डीएसपी सुनील तालान के मुताबिक उपनिरीक्षक द्वारा मारपीट के प्रकरण में कार्यवाही नहीं करने के एवज में एक लाख रुपए की मांग की गई थी। जिसकी पहली किश्त 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उपनिरीक्षक के सहयोगी श्यामसिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

लोकयुक्त ने उपनिरीक्षक सुभाष गिरी और सहयोगी श्यामसिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
मंदसौर शहर सहित जिले में लोकायुक्त की कार्यवाही लगातार जारी है। लोकयुक्त ने इस माह में जिले में तीसरी कार्यवाही करते हुए गरोठ थाने पर पदस्थ उपनिरीक्षक सुभाष गिरी के कहने पर उनके सहयोगी श्यामसिंह निवासी डिडोर को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
लोकयुक्त डीएसपी सुनील तालान के जानकारी अनुसार फरियादी राजेंद्र सिंह निवासी लारनी का एक माह पूर्व पेट्रोल पंप पर विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत थाने पर की गई थी। मामले में गरोठ थाने पर पदस्थ उपनिरीक्षक सुभाष गिरी द्वारा फरियादी राजेंद्र सिंह से कार्यवाही नहीं करने के एवज में एक लाख रुपए की मांग की जा रही थी।
जिसकी शिकायत राजेंद्र सिंह ने उज्जैन लोकायुक्त को की थी। शिकायत का सत्यापन करवाए जाने पर शिकायत सही पाई गई जिसके बाद लोकयुक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा के निर्देशन में डीएसपी सुनील तालान, डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
टिम सुबह गरोठ पहुंची यहां फरियादी राजेंद्र सिंह ने उपनिरीक्षक सुभाष गिरी को रिश्वत की पहली किश्त 30 हजार रुपए देने के लिए बुलाया। उपनिरीक्षक ने अपने सहयोगी श्यामसिंह निवासी डीडोर को रिश्वत की राशि लेने के लिए भेजा। राजेंद्रसिंह ने जैसे ही श्यामसिंह को रिश्वत की राशि सौंपी टिम ने श्यामसिंह को धर दबोचा।
श्यामसिंह ने पूछताछ में बताया कि वह उपनिरीक्षक सुभाषगिरी के कहने पर रिश्वत की राशि लेने आया था, इस पर लोकयुक्त के उपनिरीक्षक सुभाष गिरी को भी आरोपी बनाया है। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि मामले में आरोपी उपनिरीक्षक सुभाष गिरी और सहयोगी श्यामसिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है।
कार्यवाही में प्रधान आरक्षक हितेश लालावत, आरक्षक संदीप कदम, श्याम शर्मा, उमेश जाटव, अनिल अटोलिया, नीरज राठौर सहित 10 सदस्यों की टीम ने भाग लिया।












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