'उनकी भूमिका को देश सदैव याद रखेगा', पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन की जयंती पर बोले सीएम मोहन यादव
पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन की जयंती मनाई जा रही है। इस खास अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट करते हुए उन्हें याद किया।
सीएम यादव ने लिखा, "महान शिक्षाविद, अर्थशास्त्री एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ. जाकिर हुसैन की जयंती पर कोटिशः नमन करता हूं। सामाजिक न्याय एवं एकता के लिए किये गए आपके कार्य एवं शिक्षा के माध्यम से आधुनिक भारत के निर्माण में आपकी भूमिका को देश सदैव स्मरण रखेगा।"

कौन थे डॉ. जाकिर हुसैन?
डॉ. जाकिर हुसैन स्वतंत्र सेनानी के साथ भारत के तीसरे और पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे। जाकिर हुसैन ने अलीगढ़ में मुस्लिम नेशनल यूनिवर्सिटी की स्थापना में मदद की और 1926 से लेकर 1948 तक इसके कुलपति भी रहे। महात्मा गांधी के निमंत्रण पर वह प्राथमिक शिक्षा के राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष भी बने। जिसकी स्थापना 1937 में स्कूलों में महात्मा गांधी के पाठ्यक्रम को बनाने के लिए हुई थी।
जाकिर हुसैन अलीगढ़ में मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति भी बने और चार वर्ष के बाद उन्होंने राज्यसभा में प्रवेश किया। 1956-58 में वह संयुक्त राष्ट्रीय शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति संगठन (यूनेस्को) की कार्यकारी समिति में रहे। 1957 में उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया और 1962 में वह भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए। 1967 में वह कांग्रेस पार्टी के तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में खड़े हुए और उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव में उनको जीत हासिल हुई और 1969 में उनकी मृत्यु हो गयी और वह तब तक अपने पद पर बने हुए थे।












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