Ladli behna: लाडली बहना योजना में कब मिलेंगे 3 हजार रुपए, इस सवाल पर मंत्री निर्मला भूरिया ने दिया सटीक जवाब
ladli behna yojana News: मध्य प्रदेश में लाडली बहनों को ₹3000 प्रति माह देने का मुद्दा इस समय राज्य में राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में लाडली बहना योजना में राशि बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
शीतकालीन सत्र के दौरान इस पर सवाल उठाया गया, जिस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट जवाब दिया है कि इस संबंध में फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

कांग्रेस विधायक ने किया सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लाडली बहन योजना में बदलाव को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा था कि सरकार ने ₹1250 की राशि को ₹3000 में बदलने का जो वादा किया था, उसे कब लागू किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्य में लाडली बहनों की नई सूची में पंजीकरण कब शुरू किया जाएगा और क्या सरकार अनुपूरक बजट में इस योजना के लिए बजट बढ़ाने की योजना बना रही है।
मंत्री निर्मला भूरिया का जवाब
महेश परमार के सवाल का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लाडली बहन योजना में राशि बढ़ाने या नई बहनों को जोड़ने के लिए कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मंत्री ने बताया कि इस समय महिलाओं को ₹1250 की राशि दी जा रही है और इसे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
भूरिया ने आगे कहा, "सरकार के पास इस योजना को बढ़ाने के लिए कोई भी बजट प्रस्ताव नहीं है, और ना ही इस संदर्भ में कोई कदम उठाने का विचार है।" यह जवाब सुनकर यह साफ हो गया कि लाडली बहनों को ₹3000 देने का मुद्दा फिलहाल ठंडे बस्ते में है।
क्या है लाडली बहना योजना?
लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की गरीब और पिछड़ी जातियों की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1250 की राशि दी जाती है, जो उनके जीवन स्तर को सुधारने में मदद करती है। भाजपा सरकार ने इस योजना को अपने चुनावी वादों में प्रमुखता से रखा था, और इसका वादा किया गया था कि इस राशि को ₹3000 तक बढ़ाया जाएगा।
सरकार की स्थिति और विपक्ष का आरोप
मध्य प्रदेश में इस योजना को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद खुले तौर पर सामने आ रहे हैं। कांग्रेस ने इस सवाल को बार-बार उठाया है कि भाजपा सरकार ने चुनावी समय में लाडली बहन योजना में राशि बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए इस वादे का इस्तेमाल किया, और अब सत्ता में आने के बाद सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।
वहीं, सरकार का तर्क है कि योजना की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू किया जा रहा है और वर्तमान समय में बजट के बारे में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
क्या हो सकता है आगे?
वर्तमान में, लाडली बहना योजना में किसी भी प्रकार की राशि वृद्धि या नई महिलाओं के पंजीकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने का कोई संकेत नहीं मिला है। वहीं, विपक्षी दल कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया, तो वे इसे विधानसभा में फिर से उठाएंगे और जनता के बीच इस मामले को प्रमुख रूप से प्रसारित करेंगे।
यह भी देखा जाएगा कि आने वाले बजट सत्र में क्या सरकार इस योजना के लिए कोई नया प्रस्ताव पेश करती है या नहीं। अगर ₹3000 की राशि के वादे को लागू नहीं किया गया, तो यह विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
इस बीच, लाडली बहन योजना के लाभार्थी महिलाएं सरकार के फैसले का इंतजार कर रही हैं कि क्या वाकई उनकी सहायता राशि बढ़ेगी या फिर 1250 रुपए पर ही टिके रहेंगे।












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