Kuno National Park में रिलीज किए चीतों में भाग गया ‘ओवान’, कैप्चर करने ट्रेंकुलाइज गन का सहारा
नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों में से एक चीता भागकर रहवासी गांव में पहुंच गया। अब टास्क फ़ोर्स उसे पकड़ने में जुटा हैं।

Kuno National Park: नामीबिया से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में आई चीतों की खेप का एक चीता भाग गया। बीते कुछ दिनों पहले जंगल में चार चीतों को रिलीज किया गया था। ओवान नाम का चीता पार्क से करीब 20 किमी दूर एक गांव में पहुंच गया हैं।
कूनो नेशनल पार्क के 'ओवान' नाम के एक चीते ने सिर प्रबंधन का सिर दर्द बढ़ा दिया हैं। खुले जंगल में घूमते हुए यह चीता दूर गांव की तरफ भाग निकला। डीएफओ प्रकाश वर्मा ने बताया कि 'ओवान' पार्क से लगभग बीस किमी दूर झाड़ बडौदा गांव में पहुंच गया हैं। वहां प्याज के खेत में ग्रामीणों ने देखा, तो खबर मिली। चीते को पकड़ने टास्क फ़ोर्स और अमला मौके पर पहुंचा हैं। टीम पिंजरा समेत, चीते को कैप्चर करने के साधन लेकर पहुंचे हैं। रहवासी इलाके से लगे खेत में चीते की आमद से लोगों में हड़कंप मचा हुआ हैं।

बताया गया कि चीते को देखने कुछ ग्रामीण खेत के नजदीक पेड़ पर चढ़ गए। वही कूनो पार्क की टीम अपने तरीके चीते को पकड़ने की कोशिश में जुटी है। वन अमले ने रास्ते में पिंजरे खोलकर भी रखे है कि वह वापस अपने आप उसमें फंस जाए। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर ओवान के चहल-कदमी का वीडियो भी पोस्ट किया हैं। जिसमें वह तार की फेंसिंग के पास लेटता दिख रहा हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया है कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में चीते की आहट थी। लेकिन जब उसका मूवमेंट खेत की तरफ बढ़ा, तो चीते की भागने की पुष्टि हुई। एक गाय का शिकार करने की भी खबर हैं। वन विभाग ने लोगों को प्याज वाले खेत की तरफ लोगों को न जाने की सलाह दी हैं।

ट्रेंकुलाइज गन का लिया जाएगा सहारा
पार्क से भागे हुए चीते को पकड़ने फिलहाल सामान्य अवस्था में प्रयास किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि ओवान ने अपना मूवमेंट बदलना जारी रखा, तो उसे ट्रेंकुलाइज किया जा सकता हैं। ट्रेंकुलाइज वह विधि है जिसमें जंगली जानवर को सटीक निशाने के साथ आधा-पौन घंटे बेहोश कर देती हैं। इसके लिए इस्तेमाल होने वाली गन सिरिंज प्रोजेक्ट फॉर वाइल्ड लाइफ का हिस्सा हैं। इसके लिए पीसीसीएफ से इजाजत लेना होता हैं। इसके अलावा संबंधित जानवर की शारीरिक अवस्था का भी ख्याल रखना होता हैं।

साशा को हो गई थी मौत, 4 हुए है रिलीज
नामीबिया से आए यहां चीतों का क्वारेन्टाइन अवधि भी पूरी हो चुकी हैं। अब तक जंगल में चार चीते रिलीज किए जा चुके हैं। जिनमें ओवान के अलावा आशा, फ्रेंडी और एल्टन नाम के चीते शामिल हैं। जब से इन्हें जंगल में खुली जगह में छोड़ा गया है, तब से पार्क में ये अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। वहीं बीते दिनों साशा नाम के मादा चीते की मौत भी हो गई थी। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट ने उसके मौत की वजह किडनी ख़राब होना बताया था। उसे डिहाइड्रेशन की शिकायत थी, खुराक के तौर पर तरल पदार्थ ही दिया जा रहा था। वहीं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण का कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह बयान भी आया कि साशा की किडनी भारत आने के पहले ही ख़राब थी।
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