Kuno National Park में बमुश्किल बचे इकलौते चीता शावक को अपनी मां ज्वाला से जान का खतरा
चीता सियाया से उसके इकलौते जिंदा बचे शावक को खतरा बताया जा रहा है। कारण इलाज के लिए शावक को हफ्तों अपनी मां से दूर रहना पड़ा। ऐसे में यदि शावक को मां के पास छोड़ा तो संभव है व स्वीकार न कर उसे मार दे...

Kuno National Park में मई महीने में भीषण गर्मी के दौरान मादा चीता ज्वाला (सियाया) के तीन शावकों की एक-एक कर मौत हो गई थी। इधर एक मात्र बचे मादा शावक को भी बीमारी की हालत में लाकर इलाज प्रारंभ किया गया था। अब वह शावक एकदम ठीक हो गया है, लेकिन अब उसे मां से मिलाने में प्रबंधन डर रहा है। एकदम से उसे मां के पास ले जाने की हिम्मत अधिकारी नहीं उठा पा रहे हैं, कारण कई दफा दूर रहने के कारण मादा चीता अपने शावक को स्वीकार नहीं करते और मार देते हैं।
जानकारी अनुसार कूनो प्रबंधन के अधिकारी बीते दो दिन से विशेषज्ञ की निगरानी में शावक को चीता ज्वाला के बाड़े में ले जा रहे हैं ताकि उसकी मां का रिएक्शन देखा जा सके। लेकिन दोनों दफा ही शावको को लेकर अधिकारी वापस लौट आए। इसके पीछे एक्सपर्ट जो कारण बता रहे हैं, उसमें बड़ी बिल्ली प्रजाति में यह प्रवृत्ति होती है कि कई बार मां अपने शावक को स्वीकार न कर मार देती है। इस कारण सीधे तौर पर उसे मां के बाड़े में छोड़ने पर वह अटैक भी कर सकती है। उसे ले जाने के बहाने मुंह में दबाकर मार भी सकती है। कारण शावक काफी दिन दूर रहने के कारण मां का लगाव कम या खत्म हो जाता है।
चीता शावक को मां से मिलाने विदेशी एक्सपर्ट की सलाह
कूनो प्रबंधन शावक को उसकी मां से मिलाने और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। ऐसे में विदेशी चीता विशेषज्ञों की सलाह भी ली जा रही है। डॉक्टर उसे मां के बाड़े में भेजने के लिए रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर जो जानकारी सामने आई है उसमें शावक को उसकी मां ज्वाला के बाड़े में थोड़े-थोड़े समय के लिए सुरक्षा प्रबंध के साथ छोड़ा जाएगा।












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