MP News: संपत्ति बांटवारे का विवाद, ASI की मौत, वीडियो में भाई भाभी और मां पर लगाए गंभीर आरोप
MP Khargone News: खरगोन में संपत्ति का बंटवारे के विवाद ने पुलिस विभाग पदस्थ एक एएसआई की जान ले ली। दरअसल, सस्पेंड चल रहे एएसआई की जहर खाने से मौत हो गई। मरने से पहले पुलिस कर्मी ASI ने अस्पताल में एक वीडियो बनाया। जिसमें उसने अपने सगे भाई भाभी और भतीजे व मां पर जबरन जहर खिलाने का आरोप लगाया।
मामला ऊन थाना क्षेत्र के लेहुक में बुधवार शाम का है। ASI दिग्विजय सिंह चौहान (46) धार में 34 बटालियन में पदस्थ थे। उन्हें वित्तीय अनियमितता के मामले में एक साल से सस्पेंड चल रहे थे। गुरुवार शाम को पहले उन्हें ऊन अस्पताल में ले जाया गया। यहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। देर रात करीब 1.30 बजे उनकी मौत हो गई।

अस्पताल में पत्नी से बनवाया था वीडियो
ASI चौहान ने अस्पताल में पत्नी छाया से वीडियो बनवाया। उसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए बड़े भाई प्रताप चौहान, भाभी प्रमिला, भतीजा विनय और मां राजकौर चौहान को जिम्मेदार बताया। ASI की पत्नी छाया ने आरोप लगाया कि पारिवारिक पैतृक संपत्ति में उन्हें हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। गुरुवार को मेरे जेठ, जेठानी, सास और उनके बेटे ने विवाद किया और मारपीट की।
अस्पताल में ASI दिग्विजय सिंह चौहान ने करीब 1 मिनट 40 सेकंड का वीडियो बनाया। उन्होंने इसमें कहा कि मैं होशों-हवास में बयान दे रहा हूं कि 23 मई को मैं खरगोन से शाम 6 बजे अपने गांव लेहकू आया था। यहां भाई प्रताप चौहान और मां राजकौर बाई से मुलाकात हुई। मैंने उन्हें प्यार से समझाया कि मुझे बांटा हिस्सा दे दो, हमारा जमीन का विवाद चल रहा है। पर वह माना नहीं।
बांटा हिस्सा देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि बाड़े में घर में हिस्सा नहीं देंगे। इससे विवाद बढ़ गया। मेरे बड़े भाई प्रताप चौहान, भतीजे विनय चौहान, भाभी प्रमिला चौहान और मां राजकुंवर ने मिलकर मुझे पकड़ लिया और मुझे पॉइजन खिला दिया। इसके बाद मैंने पुलिस को फोन किया। पुलिस को पैसे दे दिए। मेरा बयान नहीं लिया जा रहा है। जबकि इन्होंने मुझे पकड़कर छीना झपटी कर मुझे पॉइजन खिलाया है। मैं अस्पताल में भर्ती हूं।
ASI की पत्नी ने बताया कि पति वित्तीय अनियमितता के मामले में सस्पेंड चल रहे थे। 27 लाख रुपए की रिकवरी निकाली गई थी, जिसमें से 22 लाख रुपए जमा कर दिए गए थे। लेकिन 5 लाख रुपए की और जरूरत थी, जिसकी वजह से संपत्ति में हिस्सा मांग रहे थे। लेकिन संपत्ति का बंटवारा नहीं हो रहा था।
एसपी का बयान
एसपी धनराज मीणा का इस मामले में कहना है कि सस्पेंड ASI ने खुद ही जहर का सेवन किया था। परिवार में संपत्ति बंटवारे को लेकर उनका विवाद है। वीडियो की जानकारी मिली है और मामले की जांच की जा रही है।
42 लाख रुपए की थी धोखाधड़ी
आरोपी दिग्विजय सिंह चौहान धार की 34वीं बटालियन में वेतन शाखा में विभागीय कामकाज देखता था। इसी दौरान उसने 42 लाख रुपए विभाग के खातों से स्वयं और परिवार के लोगों के खातों में ट्रांसफर कर लिया, जिनका उपयोग खुद के शौक पूरा करने में किया गया था। इस बात की जानकारी सबसे पहले संबंधित विभाग को लगी, भोपाल स्तर पर हलचल शुरू हुई, जिसमें विभागीय जांच में रुपयों की धोखाधड़ी की बात सामने आई। भोपाल से ही मामले में केस दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद ही धार में पुलिस ने आरोपी दिग्विजय सिंह चौहान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।












Click it and Unblock the Notifications