Madhuri Patel : खंडवा की बेटी ने 'धोबी पछाड़' दांव से यूरोप में बजा दिया इंडिया का डंका, गांव में खुशी की लहर
खंडवा की बेटी ने 'धोबी पछाड़' दांव से यूरोप में बजाया इंडिया का डंका
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा की पहलवान बेटी माधुरी पटेल ने कमाल कर दिखाया है। यूरोप के बुल्गारिया में चल रही वर्ल्ड कैडेट रेसलिंग चैम्पियनशिप में 'दंगल गर्ल' माधुरी पटेल ने 'धोबी पछाड़' दांव से उज्बेकिस्तान ओर अजरबैजान की महिला रेसलर को चित कर दिया है। इसी के साथ माधुरी ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है और खिताब जीतने से एक कदम दूर है।

बता दें कि एमपी के खंडवा जिले के गांव बोरगांवखुर्द निवासी 16 वर्षीय माधुरी पटेल की कामयाबी सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। इसने मिट्टी के अखाड़े से इंटरनेशनल लेवल तक का सफर तय किया है। माधुरी की उम्मीदों को पंख तब लगे जब इसे भोपाल में दो साल का प्रशिक्षण मिला। इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ती चली गई। माधुरी द्वारा बुल्गारिया में दर्ज की गई जीत के बाद पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। पिता जगदीश पटेल समेत माधुरी के प्रशंसकों को प्रतियोगिता के फाइनल में भी जीतने की उम्मीद है।

दंगल फिल्म जैसी है माधुरी की कहानी
माधुरी पटेल की कहानी आमिर खान की फिल्म दंगल की स्टोरी से मिलती जुलती है। माधुरी के पिता जगदीश पटेल भी पहलवान रहे हैं। ये देश के लिए खेलना चाहते थे, मगर परिवार के हालात के कारण सफल नहीं हो सके। इसके बाद जगदीश ने बेटी माधुरी के जरिए अपना ख्वाब पूरा करने की सोची और बेटी को प्रशिक्षण देकर पहलवान बना दिया। फिल्म दंगल में भी पहलवान महावीर फोगाट अपनी बेटियों गीता और बबीता को खुद तैयारी करवाकर पहलवान बनाते हैं। बेटी माधुरी की कामयाबी पर पिता जगदीश अक्सर यही कहते हैं 'म्हारी छोरी छोरों से कम हैं के..'।












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