Khajuraho Dance Festival-2023: खजुराहो में जानकी रंगराजन के भरतनाट्यम से उठा नृत्योत्सव का पर्दा
'खजुराहो नृत्य समारोह-2023' का सोमवार को आगाज हो गया। स्थानीय सांसद वीडी शर्मा ने आयोजन का शुभारंभ किया। आयोजन में प्रदेश के राज्यपाल को शामिल होना था, लेकिन कतिपय कारणों से वे शामिल नहीं हो सके।

'Khajuraho Dance Festival-2023' अंतर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति रखने वाले 'खजुराहो नृत्य समारोह-2023' का सोमवार को शुभारंभ हुआ। आयेाजन में सबसे पहली प्रस्तुति ख्यात नृत्यांगना जानकी रंगराजन के भरतनाट्यम से हुई। वहीं धीरेंद्र तिवारी एवं अपराजिता शर्मा ने आकर्षक और मोहक कथक नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया। आयोजन का शुभारंभ प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल का करना था, लेकिन कतिपय कारणों से वे शिरकत नहीं कर सके। सांसद विष्णु शर्मा ने आयोजन का शुभारंभ किया। बता दें कि आगामी 26 फरवरी तक डांस फेस्टिवल आयोजित होगा।

खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह परिसर में 49वें खजुराहो नृत्य समारोह का शुभारंभ शंख ध्वनि से किया गया। सांसद शर्मा ने राज्यपाल के संदेश का वाचन किया। इसमें राज्यपाल ने कहा कि खजुराहो नृत्य महोत्सव का आयोजन हो रहा है। नृत्य समारोह सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटन तथा सांस्कृतिक विरासत को साझा करने के महत्वपूर्ण साधन होते हैं, तो वही हमारी कलाओं की अभिव्यक्ति और आध्यात्मिक चेतना की भी अनुभूति कराते है। उन्होंने कहा कि नृत्य आयोजन यहां होने वाले जी-20 समिट के आयोजन से बदले हुए क्लीन और ग्रीन खजुराहो के परिवेश से अनूठा नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां के समाजसेवी और बुद्धिजीवियों ने मिलकर खजुराहो को क्लीन और ग्रीन बना कर मोदीजी के सपनों को पूरा किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि खजुराहो नृत्य महोत्सव का 50वां आयोजन दुनिया के लिए अनूठा उदाहरण होगा और ऐतिहासिक होगा। इस आयोजन में दुनिया के कलाकारों एवं लोगों की सहभागिता भी जुड़ेंगी। इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाया जाएगा।

10 कलाकार हुए सम्मानित
मप्र राज्य रूपंकर कला पुरस्कार प्राप्त करने वाले विभिन्न विधाओं के लोगों को सम्मानित किया गया। जिसमें अमित कुमार सिन्हा को जबलपुर देवकृष्णा जटाशंकर जोशी, समीक्षा राठौर भोपाल को मुकुंद शखाराम भांड, धर्मेंद्र मेवाड़े भोपाल को सय्यद हैदर रजा, प्रेम कुमार सिंह धार को दत्तात्रेय दामोदर देवलालिकर, मानसिंह व्याम भोपाल को जगदीश स्वामीनाथन, उपेंद्र उपाध्याय इंदौर को विष्णु चिंचालकर, ओमप्रकाश माहौर ग्वालियर को नारायण श्रीधर वेन्द्रे, ग्रीस.बी. उरकुड़े भोपाल को रघुनाथ कृष्ण राव फड़के, शिवांगी दुबे भोपाल को राममनोहर सिन्हा तथा अंजली राउत जबलपुर को लक्ष्मी शंकर राजपुर अवार्ड दिया गया।
समारोह में इन्होंने दी प्रस्तृति
शुभारंभ के अवसर पर जानकी रंगराजन ने भरतनाट्यम, धीरेंद्र तिवारी एवं अपराजिता शर्मा ने कथक, भरतनाट्यम युगल और प्राची शाह ने कथक की मनोहारी प्रस्तुती की गई। कार्यक्रम में कलेक्टर संदीप जीआर, एएसआई जबलपुर के डॉ. शिवकांत वाजपेयी और संचालक संस्कृति विभाग जयंत माधव भी मंचासीन रहे। इस दौरान देशी-विदेशी पर्यटक खजुराहो एवं छतरपुर के जनप्रतिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों से सजेंगी आयोजन की शाम
20 फरवरी- जानकी रंगराजन-भरतनाट्यम, धीरेन्द्र तिवारी एवं अपराजिता शर्मा- कथक-भरतनाट्यम एवं प्राची शाह - कथक नृत्य
21 फरवरी- श्रीलक्ष्मी गोवर्धनन- कुचिपुड़ी, मैथिल देविका, धनूप पी.के एवं अर्जुन कुलथिंगल की त्रयी मोहिनी अट्टम नृत्य, वैभव आरेकर एवं साथी भरत नाट्यम
22 फरवरी- प्रतीशा सुरेश- सत्रिया नृत्य, हिमांशी कटरगड्डा एवं आरती नायर- भरतनाट्यम एवं कुचिपुड़ी जुगलबंदी तथा कदम्ब सेंटर फॉर डांस- कथक नृत्य।
23 फरवरी- रामली इब्राहिम व साथी ओडिसी नृत्य, संजुक्ता दास- एकल कथक प्रस्तुति और तेजस्वनी साठे व साथी समूह कथक प्रस्तुति।
24 फरवरी को आकाश मलिक एवं रुद्र प्रसाद राय का कथकली, शाश्वती गराई घोष- ओडिसी एवं बाला विश्वनाथ एवं प्रफुल्ल सिंह गेहलोत- भरत नाट्यम-कथक नृत्य की जुगलबंदी।
25 फरवरी- जननी मुरली का भरतनाट्यम, वैजयंती काशी एवं साथी का कुचिपुड़ी समूह नृत्य, निवेदिता पांड्या एवं सौम्य बोस की कथक ओडिसी जुगलबंदी तथा गजेन्द्र कुमार पंडा-त्रिधारा का ओडिसी समूह नृत्य।
26 फरवरी- गोपिका वर्मा का मोहिनी अट्टम, अरूपा लाहिरी व साथी मोहिनी अट्टम, ओडिसी व भरतनाट्यम की त्रिगुलबंदी तथा पुष्पिता मिश्रा एवं साथी का ओडिसी समूह नृत्य होगा।












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