MP: सरकारी वेडिंग स्कीम के गिफ्ट में निकले कंडोम गर्भ निरोधक गोलियां, मेकअप किट देख दूल्हा-दुल्हन दंग
एमपी में सरकारी विवाह योजना के दौरान प्रिगनेंसी जांच के बाद नया मामला कंडोम और गर्भ निरोधक गोलियों का सामने आया हैं। झाबुआ में हुए प्रोग्राम में शादी से ज्यादा कंडोम की चर्चा हैं। ऐसा क्या हुआ, पढ़िए ये पूरी खबर।

Kanyadan yojana: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला में हुए कन्यादान विवाह योजना के प्रोग्राम ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया हैं। शादी के सात फेरे लेने पहुंचे दूल्हा-दुल्हन को मेकअप किट में ऐसा सामान भी गिफ्ट किया गया, जिसकी हंसी उड़ रही हैं। गिफ्ट का वीडियो भी वायरल हो रहा हैं।
इस हंसी की वजह मेकअप बॉक्स में रखे गए कंडोम और गर्भ निरोधक गोलियों के पैकेट हैं। सैकड़ों शादी के जोड़ों के भरे आयोजन में बतौर गिफ्ट मेकअप किट के बॉक्स बांटे गए थे। किट में क्या-क्या सामान है, जब एक दूल्हा यह जानने उतावला हुआ, तो उसने बॉक्स खोल लिया।
कुछ ही देर में सात फेरों की भी तैयारी थी। खूब खुश होकर नई नवेली दुल्हन के सामने जब दूल्हे ने बॉक्स खोला और थथोलन कर सामान देखने लगा तो कंडोम-गर्भ निरोधक गोलियों के पैकेट भी निकले। शर्म से दुल्हन ने तो मुहं मोड़ लिया, लेकिन दूल्हा उसे देखता ही रह गया।

थोड़ी देर बाद आस-पड़ोस शादी के लिए बैठे जोड़ों को भी इसकी भनक लगी तो फिर पूरे पंडाल में गिफ्ट में बंटे कंडोम गर्भ निरोधक गोलियों का हल्ला मच गया। एमपी कांग्रेस ने इस गिफ्ट बॉक्स का वीडियो भी पोस्ट किया हैं। साथ ही सरकार को खरी-खरी सुनाई जा रही हैं।
आयोजन के वक्त जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो मौके पर मौजूद अफसर भी एक-दूसरे की बगले झांकने लगे। ड्यूटी वाले अफसरों ने अपनी गर्दन बचाते हुए कंडोम और गर्भ निरोधक गोलियों का मामला स्वास्थ्य महकमे पर डाल दिया। कुछ अधिकारियों को लगा कि हो सकता है कि विवाह योजना में कोई नया पायलट प्रोजेक्ट शामिल किया गया होगा।

बाद में स्वास्थ्य विभाग के परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. अशोक पटेल का बयान सामने आया कि शादी वाले नए जोड़ों को फैमली प्लानिंग के प्रति जागरूक करने यह कदम उठाया गया। इसके बाद झाबुआ कलेक्टर तन्वी हुड्डा ने भी कहा कि कंडोम या गर्भ निरोधक गोलियां स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम के तहत ही बांटी गई हैं। विवाद जैसी कोई स्थिति नहीं हैं।
फिलहाल सरकार की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं। इससे पहले कांग्रेस ने प्रदेश के डिंडोरी जिले में कन्या दान योजना के दौरान प्रिगनेंसी टेस्ट पर आरोप लगाये थे। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं की शादियों के लिए अप्रैल 2006 में विवाह योजना शुरू की हुई थी। योजना के तहत सरकार दुल्हन के परिवार को 55,000 रुपये प्रदान करती है।












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