जानिए थीम रोड पर वृक्षारोपण में कैसे हुई गड़बड़ी, केंद्रीय मंत्री सिंधिया सख्त, ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश
मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर के मध्य से गुजरने वाली 14 किलोमीटर लंबी थीम रोड के सौंदर्यीकरण और वृक्षारोपण कार्य में हुई अनियमितता और घोर लापरवाही पर केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सख्त रुख अपनाया है।
इस परियोजना को उनके प्रयासों और तत्कालीन प्रदेश सरकार के सहयोग से शुरू किया गया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण लगाए गए पौधे सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस मामले में सिंधिया ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसमें ठेकेदार की सुरक्षा राशि जब्त करना और नई पौधों की आपूर्ति के साथ सौंदर्यीकरण कार्य को फिर से शुरू करना शामिल है।

शिवपुरी शहर को सुंदर और हरित बनाने के उद्देश्य से थीम रोड के 14 किलोमीटर लंबे डिवाइडर पर वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया था। वर्ष 2022-23 में शिवपुरी नगर पालिका ने इस परियोजना के लिए भोपाल की एक फर्म को 99 लाख रुपये का ठेका सौंपा था। ठेका शर्तों के अनुसार, ठेकेदार को डिवाइडर पर पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने और सौंदर्यीकरण कार्य को पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
हालांकि, ठेकेदार ने कार्य को गंभीरता से नहीं लिया। 99 लाख रुपये की स्वीकृत राशि में से केवल 14 लाख रुपये के कार्य के बाद ठेकेदार ने परियोजना को अधूरा छोड़ दिया। इसके चलते, डिवाइडर पर लगाए गए पौधों की उचित देखभाल नहीं हुई, जिससे अधिकांश पौधे सूख गए। सड़क के आसपास झाड़ियाँ और जंगली घास फैल गई, जिससे थीम रोड की सुंदरता प्रभावित हुई। स्थानीय नागरिकों की अपेक्षाओं को ठेस पहुंची और परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे।
सिंधिया का सख्त रुख: त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जैसे ही यह मामला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल शिवपुरी जिला कलेक्टर से संपर्क कर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। कलेक्टर की रिपोर्ट में निम्नलिखित तथ्य सामने आए:
- परियोजना की कुल स्वीकृत राशि 99 लाख रुपये थी, जिसमें से ठेकेदार को 14 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
- ठेकेदार ने कार्य को अधूरा छोड़ दिया और पौधों की देखभाल में घोर लापरवाही बरती।
- पौधों के सूखने और डिवाइडर की बदहाल स्थिति के कारण परियोजना का उद्देश्य विफल हो गया।
- सिंधिया ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निम्नलिखित कार्रवाइयों के निर्देश दिए:
- ठेकेदार की 3 लाख रुपये की सुरक्षा राशि तत्काल प्रभाव से जब्त कर ली गई।
- डिवाइडर की सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य को तुरंत शुरू करने का आदेश दिया गया।
- नए और क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल पौधों की आपूर्ति के लिए नई योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
सिंधिया ने स्पष्ट किया कि जनता के हितों से जुड़े किसी भी कार्य में लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि परियोजना को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

नई शुरुआत: सफाई और पुनर्वृक्षारोपण की योजना
केंद्रीय मंत्री के निर्देशों के बाद थीम रोड के सौंदर्यीकरण को फिर से पटरी पर लाने के लिए तेजी से काम शुरू हो गया है। वर्तमान में:
- डिवाइडर पर फैली झाड़ियों और जंगली घास की सफाई का कार्य प्रगति पर है। यह कार्य अगले कुछ दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
- सफाई के बाद, क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के अनुकूल पौधों की नई खेप लगाई जाएगी। इसके लिए 80,000 रुपये की लागत से लगभग 500 नए पौधे रोपे जाएंगे।
- पौधों की देखभाल और रखरखाव के लिए एक नई निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
- नगर पालिका ने इस बार यह सुनिश्चित करने का दावा किया है कि पौधों का चयन स्थानीय पर्यावरण के अनुकूल होगा और उनकी नियमित देखभाल के लिए एक समर्पित टीम तैनात की जाएगी।
विपक्ष का सरकार पर निशाना
विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता और शिवपुरी से पूर्व विधायक केपी सिंह ने कहा, "यह परियोजना शुरू से ही लापरवाही का शिकार रही है। अगर केंद्रीय मंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, तो यह स्थानीय प्रशासन और बीजेपी सरकार की नाकामी को दर्शाता है। ठेकेदार के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
कांग्रेस ने मांग की है कि ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए और परियोजना में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उससे वसूली की जाए।
सिंधिया का पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा, "शिवपुरी की थीम रोड न केवल शहर की सुंदरता का प्रतीक है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए गर्व का विषय भी है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस परियोजना को पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
उन्होंने यह भी कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखेंगे और समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।












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