Sagar News: दलित परिवार में हुई चाचा और भतीजी की हत्या के बाद परिजनों से मिलने पहुंचे जीतू पटवारी
sagar Barodia Naunagir: सागर जिले में साल भर के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत को लेकर कांग्रेस अब मुखर हो गई है। इस परिवार की एक सदस्य की एक साल पहले हत्या हुई थी। इसके बाद शनिवार को दूसरे सदस्य की हत्या कर दी गई और इसी दौरान मृतक की भतीजी ने एंबुलेंस से छलांग लगाकर मौत को गले लगा लिया। खास बात यह है कि यह मृतक लड़की वही है जिसने पिछले रक्षाबंधन में दिग्विजय सिंह को राखी बांधी थी।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के बरोदिया नौनागिर में हुई घटना के बाद, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी अंजना अहिरवार के परिवार से मिलने पहुंचे। परिजनों ने उन्हें घटना के समय के वीडियो और दस्तावेज दिखाए। इसके साथ ही, उन्होंने अंकित ठाकुर का नाम एफआईआर में जोड़ने और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।

पटवारी ने परिवार से कहा, "राहुल गांधी के कहने पर मैं आपसे मिलने आया हूं। वे भी आ सकते हैं। पूरी कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।" इसके बाद, पटवारी ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से पीड़ित परिवार के सदस्यों की फोन पर बात भी की। इसी दौरान, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे।

पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि किस्से-कहानियों का जंगलराज मध्य प्रदेश में हकीकत बन चुका है! एक दलित परिवार को सोची-समझी साजिश के तहत तबाह कर दिया गया! कई हत्याएं हो गईं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ है। सरकार नहीं सुनेगी, तो न्यायालय के माध्यम से सीबीआई जांच के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

बता दे इससे पहले जीतू पटवारी ने एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव और एसडीओपी सचिन परते से घटना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अंजना के घर से सुरक्षा हटाने के संबंध में भी पूछा। इस दौरान पटवारी ने अधिकारियों से कहा कि, "सीबीआई जांच होगी तो सभी निपट जाओगे।"
क्या है बरोदिया नौनागिर का पूरा मामला
26 मई की शाम को, बरोदिया नौनागिर की अंजना अहिरवार (23) ने शव वाहन से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। वह मुंहबोले चाचा राजेंद्र अहिरवार (24) का शव लेकर गांव लौट रही थी। गांव से 20 किमी पहले खुरई में आचार्य विद्यानगर तिराहे के पास, अंजना ने शव वाहन का गेट खोला और छलांग लगा दी। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। साथ में राजेंद्र के माता-पिता और एक पुलिस जवान भी था। राजेंद्र की हत्या कर दी गई थी।

बात दे पिछले साल 24 अगस्त की रात को, अंजना के भाई नितिन अहिरवार उर्फ लालू की हत्या कर दी गई थी। अंजना ने छेड़खानी का केस दर्ज कराया था, आरोपी इसी केस में राजीनामे का दबाव बना रहे थे। नितिन की हत्याकांड में उसकी मां, बहन अंजना और राजेंद्र अहिरवार मुख्य गवाह थे। राजेंद्र की हत्या कर दी गई, और अंजना की शव वाहन से गिरकर मौत हो गई।












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