जैन संत ने "हम दो हमारे दो नारे" को बताया हिन्दू आबादी घटाने वाला नारा
इंदौर में जैन संत ने हिंदुओं की घटती आबादी पर चिंता व्यक्त किया है। दिगम्बर जैन संत विनम्र सागर महराज ने राम कथा के दौरान अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बिना नाम लिए क्रिश्चियन और मुस्लिम धर्म पर भी हमला बोला है। जैन संत ने हम दो हमारे दो नारे को हिन्दू आबादी घटाने वाला नारा बताया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में हिंदुओं की आबादी कम हो रही है।
जैन संत विनम्र सागर महराज ने कहा कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने हम दो हमारे दो का नारा दिया था जिसे हिंदुओं ने तो अपना लिया,लेकिन अन्य धर्मों में हम दो हमारे आठ का नारा आज भी चल रहा है। जैन संत ने कहा कि भारत के आदिवासीयों का धर्मांतरण करा दिया गया और जिनके गुरु इस धरती पर पैदा नहीं हुए उनका पर्व यहां धूमधाम से मनाया जा रहा है।

जैन संत ने बाबा बागेश्वर के बयान का किया समर्थन
जैन संत विनम्र सागर ने बागेश्वर सरकार धिरेंद्र शास्त्री के मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है वाले बयान का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारत में हिंदूओं की संख्या कम हो रही है। एक दिन आएगा जब एक ऑर्डर पर ये लोग अपनी सरकार बना लेंगे। आपको बता दे कि बीते दिन महाकुंभ में मुसलमानों को दुकान लगाने की पाबंदी की मांग पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि जो सनातन परंपरा को नहीं जानते वो संतों का सम्मान क्या खाक करेंगे।
बागेश्वर सरकार ने कहा था पिछले दिनों जिस तरह थूक कांड हुआ, रामचरित मानस को जलाया गया, पालघर के संतों को निर्दयता के साथ मारा गया, देवी दुर्गा पंडालों को आग लगाया गया इससे सिद्ध होता है कि ये सनातन विरोधी है इन्हें सनातन से दिक्कत है। उन्होंने कहा था कि अगर उनलोगों को सनातन से तकलीफ है तो मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है। जैन संत ने निशाना साधते हुए कहा कि जिनके गुरु इस धरती पर पैदा ही नहीं हुए उनका पर्व क्रिसमस यहां धूमधाम से मनाया गया। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विनम्र सागर महराज ने प्रयागराज में मुस्लिमों के प्रवेश का विरोध कर चुके है।












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