Jabalpur News: एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी इंदौर में भी बिछाएगी जमीन के भीतर 132 केवी लाइन
Jabalpur News: मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी भोपाल में 132 केवी क्षमता की लाइन को जमीन के अंदर बिछाने रही। इसी तर्ज पर अब इंदौर में भी जमीन के अंदर 132 केवी लाइन को बिछाने की तैयारी हो रही है। भोपाल में इंदौर में मेट्रो परियोजना के लिए यह लाइन बिछाई जा रही है।
इंदौर में लाइन बिछाने का खर्च करीब 150 करोड़ रुपये है। इसके लिए पहली किस्त मेट्रो परियोजना के पावर ट्रांसमिशन कंपनी को मिल चुकी है। अब इस काम का शीघ्र निविदा निकाली जाएगी। इस काम में करीब दो साल का वक्त लगेगा। इंदौर के मंगलिया सब स्टेशन से 132 केवी की बिजली क्षमता की लाइन को जमीन के अंदर बिछाएगी।

करीब आठ किलाेमीटर लंबी यह लाइन खजराना तक पहुंचेगी। यहा मेट्रो की प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। जिसके लिए बिजली की सप्लाई होनी है। ये इलाका घनी आबादी वाला होने की वजह से यहां जमीन के भीतर से लाइन बिछाई जा रही है। एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता प्लानिंग संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जमीन के अंदर 132 केवी लाइन बिछाने का काम मप्र में पहली बार भोपाल में हुआ है। देश के अन्य स्टेट में ऐसा काम जरूर हुआ है। जमीन के अंदर लाइन बिछाने का काम बेहद महंगा होता है। टावर पर जहां लाइन बिछाने पर प्रति किमी डेढ़ करोड़ रुपये की लागत आती है वहीं जमीन के अंदर इसी लाइन को बिछाने में प्रति किलोमीटर लागत 17 करोड़ के आसपास होती है।
कंपनी के मुख्य अभियंता प्लानिंग संजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आमतौर पर यह परियोजना उन इलाकों में होती है जहां पर घनी बसाहट है और जमीन उपलब्ध नहीं होती है। भोपाल और इंदौर में ऐसे ही स्थिति थी। मेट्रो परियोजना घनी आबादी वाले इलाकों से गुजर रही है ऐसे में 132 केवी बिजली क्षमता की लाइन बिछाने के लिए टावर लगाने के लिए इन इलाकों में जमीन ही नहीं है जहां टावर खड़े किए जा सके। इस वजह से जमीन के भीतर ही लाइन बिछाना एक मात्र विकल्प है।












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