Bhopal News: भोपाल में भीमराव आंबेडकर फ्लाइओवर की गुणवत्ता पर सवाल, निर्माण में गड़बड़ी, दो अधिकारी सस्पेंड
MP News Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नवनिर्मित डॉ भीमराव आंबेडकर फ्लाइओवर की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। एक हफ्ते के अंदर ही सड़क की सतह से सीमेंट निकलने लगे और लोहे के सरिया बाहर झांकने लगे, जो इस फ्लाइओवर के निर्माण में हुई गंभीर खामियों को उजागर करता है।
इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ब्रिज की निगरानी करने वाले उप यंत्री उमाकांत मिश्रा और प्रभारी सहायक यंत्री रवि शुक्ला को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही कार्यपालन यंत्री सेतु निर्माण जावेद शकील और चीफ इंजीनियर ब्रिज को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

फ्लाइओवर की निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
डॉ भीमराव आंबेडकर फ्लाइओवर का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ था, लेकिन जैसे ही यह जनता के लिए खोला गया, सड़क की सतह पर आ रही गड़बड़ियों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। फ्लाइओवर के एक हफ्ते के अंदर ही सीमेंट निकलने की शिकायतें आने लगीं, और कई स्थानों पर लोहे के सरिया बाहर झांकने लगे, जो सामान्य रूप से निर्माण कार्य में होनी वाली लापरवाही का संकेत हैं। इसके बाद जनता में असंतोष बढ़ने लगा और अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए गए।

सरकार ने दी सख्त चेतावनी, सुधार कार्य होंगे कंपनी के खर्चे पर
मामला सामने आते ही अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कार्रवाई करते हुए प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ अर्थ दंड लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, फ्लाइओवर के निर्माण में लापरवाही बरतने वाली कंपनी को सभी सुधार कार्य अपने खर्चे पर करने होंगे। शनिवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर नीरज मंडलोई ने फ्लाइओवर का निरीक्षण किया और स्थिति का आकलन किया।
मंडलोई ने कहा कि निर्माण गुणवत्ता में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस मामले में दोषी पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कंपनी को सुधार कार्य अपने खर्चे पर करना होगा और इसकी निगरानी लगातार की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सकें।

निगरानी में भी खामियां, दोषियों के खिलाफ सख्त कदम
इस मामले में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है कि फ्लाइओवर के निर्माण पर निगरानी रखने वाले अधिकारियों की लापरवाही भी स्पष्ट रूप से उजागर हुई। उप यंत्री उमाकांत मिश्रा और प्रभारी सहायक यंत्री रवि शुक्ला की भूमिका की जांच की गई और दोनों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, कार्यपालन यंत्री जावेद शकील और चीफ इंजीनियर ब्रिज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश भेजा गया है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
सुधार कार्य की योजना और कंपनी पर दबाव
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी श्रवण कुमार ने फ्लाइओवर में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की लिस्ट तैयार की है, जिन्हें निर्माण कंपनी को अपने खर्चे पर पूरा करना होगा। इनमें सड़क की सतह को दोबारा बिछाना, डिजाइन में पाई गई खामियों को ठीक करने के लिए सीलेंट लगाना और एक्सीडेंटल जोन के निर्माण में आई खामियों को सुधारने के लिए डिवाइडर और रोटरी की व्यवस्था करना शामिल है।
इन सुधार कार्यों को लेकर श्रवण कुमार का कहना है कि सभी कार्य शीघ्रता से और उच्च मानकों के अनुसार किए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फ्लाइओवर के निर्माण में हुई गड़बड़ियों को दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे मुद्दे न पैदा हों और जनता को सुरक्षित और बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।












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