बालाघाट को मिला नया कप्तान: जानिए कौन हैं IPS आदित्य मिश्रा, और क्यों हुआ नागेंद्र सिंह का भोपाल तबादला
MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने 4 जून 2025 को देर रात 8 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए, जिसमें बालाघाट जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में आदित्य मिश्रा को नियुक्त किया गया। मिश्रा, जो 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं, पहले राजगढ़ SP थे। दूसरी ओर, बालाघाट के वर्तमान SP नागेंद्र सिंह को 25वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF), भोपाल में सेनानी के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
यह तबादला मध्य प्रदेश में हाल की घटनाओं, जैसे बड़वानी के लिंबई गांव में अज्ञात जानवर के हमले और रतलाम में जनसुनवाई के दौरान SDM द्वारा बुजुर्ग महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार, की पृष्ठभूमि में हुआ है। आइए जानते हैं, कौन हैं IPS आदित्य मिश्रा और नागेंद्र सिंह के कार्यकाल की उपलब्धियां।

कौन हैं IPS आदित्य मिश्रा?
आदित्य मिश्रा 2018 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं, जिन्हें नक्सल विरोधी अभियानों और अपराध नियंत्रण में उनकी प्रभावी कार्यशैली के लिए जाना जाता है। मिश्रा का करियर बालाघाट से ही शुरू हुआ, जहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), बैहर और ASP (नक्सल ऑपरेशन) के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन में हिस्सा लिया और जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया।
IPS Aditya Mishra: मिश्रा ने बालाघाट में डबल मनी (धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग) के एक चर्चित मामले में सफल कार्रवाई की थी, जिसने उनकी जांच क्षमता को रेखांकित किया। इसके बाद, उन्हें इंदौर में पुलिस उपायुक्त (DCP, Zone-1) के रूप में नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने शहरी अपराधों, जैसे डकैती और साइबर फ्रॉड, के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की। 2024 में मिश्रा को राजगढ़ का SP बनाया गया, और अब 4 जून 2025 को उन्हें फिर से बालाघाट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मिश्रा को नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी वीरता के लिए दो बार वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी नियुक्ति को बालाघाट में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों को और मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मिश्रा अपने पिछले अनुभव का उपयोग कर जिले में कानून-व्यवस्था और नक्सल विरोधी ऑपरेशन को नई दिशा देंगे।
नागेंद्र सिंह का कार्यकाल, 29 साल बाद ऐतिहासिक सफलता
नागेंद्र सिंह, जिन्हें अब 25वीं वाहिनी SAF, भोपाल में सेनानी के रूप में स्थानांतरित किया गया है, ने बालाघाट में अपने 10 महीने के कार्यकाल में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे बड़ी सफलता 19 फरवरी 2025 को कान्हा के वनक्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मिली, जिसमें बालाघाट पुलिस ने 62 लाख रुपये की इनामी चार महिला नक्सलियों को मार गिराया। इनमें भोरमदेव कमेटी की कमांडर और तीन स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) स्तर की नक्सली-आशा, शीला, रंजीता, और लख्खे मरावी-शामिल थीं। ये नक्सली 2015-16 से सक्रिय थीं और कई बड़े हमलों में शामिल थीं।
नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में बालाघाट पुलिस ने न केवल नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई को तेज किया, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, लूट, और चोरी जैसे मामलों को भी सुलझाया। उनके कार्यकाल में जिले में अपराध दर में कमी आई, और पुलिस की सक्रियता बढ़ी। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने उनके कार्यकाल में पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का आरोप भी लगाया, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में। फिर भी, 29 साल बाद नक्सलियों के खिलाफ मिली इस सफलता ने उनके कार्यकाल को यादगार बना दिया।
नागेंद्र सिंह का स्थानांतरण कुछ लोगों के लिए आश्चर्यजनक है, क्योंकि उनकी हाल की सफलता ने उन्हें चर्चा में ला दिया था। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह तबादला प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा है, ताकि बालाघाट में नई ऊर्जा और रणनीति के साथ नक्सल विरोधी अभियान को और तेज किया जाए।
तबादले की पूरी सूची, 8 IPS अधिकारियों का फेरबदल
4 जून 2025 को मध्य प्रदेश सरकार ने 8 IPS अधिकारियों के तबादले किए। इस फेरबदल में सागर रेंज के IG का तबादला दो दिन में दूसरी बार हुआ, जो चर्चा का विषय बना। तबादले की सूची इस प्रकार है:
- हिमानी खन्ना: IG महिला सुरक्षा से सागर रेंज की IG नियुक्त, साथ ही डायरेक्टर जेएनपीए का अतिरिक्त प्रभार।
- आदित्य मिश्रा: राजगढ़ SP से बालाघाट SP नियुक्त।
- अमित तोलानी: 24वीं वाहिनी SAF, जावरा, रतलाम से राजगढ़ SP नियुक्त।
- नागेंद्र सिंह: बालाघाट SP से सेनानी 25वीं वाहिनी SAF, भोपाल नियुक्त।
- सुनील कुमार पांडे: DIG प्रबंध पुलिस मुख्यालय से DIG सागर नियुक्त।
- डी कल्याण चक्रवर्ती: DIG SAF मुख्यालय, पुलिस मुख्यालय से DIG छिंदवाड़ा रेंज नियुक्त।
- सोनाली दुबे: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जबलपुर से AIG, पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल नियुक्त।
- चंद्रशेखर सोलंकी: सागर IG का तबादला आदेश (1 जून 2025) निरस्त, अब इंदौर रेंज SAF IG पर बने रहेंगे।
यह तबादला दो चर्चित घटनाओं की पृष्ठभूमि में हुआ है:
बड़वानी का लिंबई गांव: 5 मई 2025 को एक अज्ञात जानवर ने 17 लोगों और 5 पशुओं पर हमला किया, जिसमें 6 लोगों और 4 पशुओं की मौत हो गई। इस घटना ने पुलिस और वन विभाग की तैयारियों पर सवाल उठाए।
रतलाम में जनसुनवाई विवाद: 3 जून 2025 को रतलाम में जनसुनवाई के दौरान SDM सुनीता मीणा द्वारा एक बुजुर्ग महिला को कथित तौर पर धक्का देने की घटना ने विवाद खड़ा किया। वायरल वीडियो के बाद जनता का गुस्सा भड़क गया। इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश सरकार पर दबाव बढ़ाया, जिसके बाद यह तबादला आदेश जारी किया गया।
आदित्य मिश्रा के सामने चुनौतियां
- बालाघाट एक नक्सल प्रभावित जिला है, जहां नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और सामान्य अपराध नियंत्रण दोनों महत्वपूर्ण हैं। आदित्य मिश्रा के सामने चुनौतियां हैं:
- नक्सल विरोधी अभियान: बालाघाट में नक्सलियों की गतिविधियां अभी भी सक्रिय हैं। मिश्रा को अपने पिछले अनुभव का उपयोग कर इन अभियानों को और प्रभावी करना होगा।
- कानून-व्यवस्था: जिले में लूट, चोरी, और सामाजिक तनाव के मामले बढ़ रहे हैं, जिन्हें नियंत्रित करना जरूरी है।
- जनता का भरोसा: नागेंद्र सिंह की हाल की सफलता के बाद मिश्रा को जनता और पुलिस बल का भरोसा बनाए रखना होगा।
- स्थानीय कार्यकर्ता राजेश मिश्रा ने कहा, "आदित्य मिश्रा का बालाघाट में पुराना अनुभव काम आएगा। लेकिन नक्सल समस्या और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए उन्हें और सख्त रणनीति अपनानी होगी।"
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
कई यूजर्स ने बड़वानी और रतलाम की घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा। एक पोस्ट में लिखा गया, "लिंबई में लोग मर रहे हैं, रतलाम में बुजुर्ग का अपमान हुआ। तबादले से क्या होगा? जनता को ठोस कार्रवाई चाहिए।"
राजनीतिक और सामाजिक दबाव
विपक्षी कांग्रेस ने इस तबादले को "खानापूर्ति" करार दिया। कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा, "बड़वानी में 6 लोगों की मौत और रतलाम में बुजुर्ग का अपमान हुआ, और सरकार सिर्फ तबादले कर रही है। यह जनता के साथ मजाक है।" जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने भी मांग की है कि बड़वानी और रतलाम की घटनाओं में ठोस कार्रवाई हो।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, "तबादले प्रशासन को चुस्त बनाने के लिए हैं। बड़वानी और रतलाम की घटनाओं की जांच चल रही है, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।"












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