NCPRC ने मप्र शासन को भेजा पत्र, फर्जी और नियम विरुद्ध मिशनरी संस्थाओं पर कार्रवाई के निर्देश
मप्र में सागर, दमोह, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और होशंगाबाद, इंदौर में संचालित बाल आश्रम, बाल निकेतन और इन्हीं जैसी अन्य संस्थाओं पर कार्रवाई के लिए बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिखा है।

National Child Protection Rights Commission: मप्र के महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक मिशनरी और क्रिश्चियन सोसायटियों द्वारा संचालित बाल संरक्षण संस्थानों में धर्मांतरण के शिकायतें तो आम हैं, यहां और भी कई गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। सबसे बड़ी बात एक-एक रजिस्ट्रेशन पर आधा दर्जन तक संस्थान मिशनरी द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मप्र महिला बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। आयोग ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई के बजाय उनके बचाव के रास्ते खोजना गलत है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें मप्र के 13 संस्थानों के खिलापफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। बता दें कि नियम विरुध संचालित बाल संरक्षण संस्थानों की शिकायतें आयोग के पास पहुंची थीं। आयोग ने जब इन संस्थानों की जांच की तो सामने आया कि बाल अधिकारों का हनन होने के साथ गाइड लाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। आयोग ने पत्र में इसको लेकर नाराजगी जाहिर की है कि निर्देशों के बाद भी संस्थानों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रियंक द्वारा प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में दमोह जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन पर दो संस्थाएं संचालित की जा रही हैं। दमोह कलेक्टर को इस संबंध में उचित कार्रवाई के किलए पत्र भी लिखा गया, लेकिन उनके द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदेश में इन शहरों में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तरफ से मप्र के जिन जिलों में बाल भवन, बाल संरक्षण संस्थाओं पर कार्रवाई के लिखा गया है उनमें राजधानी भोपाल के एसओएस बालग्राम, बाल निकेतन ट्रस्ट, नित्य सेवा सोसायटी, मिशनरी आफ चैरिटी, उज्जैन की संस्था सेवाधाम आरम, सागर की सागर महिला एवं बाल विकास समिति, सेंट फ्रांसिस सेवाधाम, कबीर मानव सेवाधाम, जबलपुर की मिशनरी आफ चैरिटी, होशंगाबाद की जीवोदय सोसायटी, इंदौर की युग पुरुष धाम व दमोह की सेंट्रल इंडिया क्रिश्चियन मिशन संचालित हैं।
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एक रजिस्ट्रेशन पर दो संस्थाएं संचालित
आयोग द्वारा जारी पत्र में उल्लेख है कि दमोह जिले के जिला परियोजना अधिकारी प्रदीप राय आयोग आयोग में उपस्थित हुए, इनके द्वारा बताया गया कि आधार शिला संस्थान के नाम से संचालित दो संस्थाएं जिनमें आधार शिला छात्रा संस्थान व आधारशिला छात्र संस्थान संचालित है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रियंक कानूनगो ने इन संस्थानों पर कार्रवाई की अनुशंसा की थी, लेकिन नियम विरुद्ध संस्थानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। दमोह जिला प्रशासन पर खुद राष्ट्रीय बाल आयोग अध्यक्ष ने नाराजगी जाते हुए ट्वीट किया था कि प्रशासन संस्था संचालकों पर कार्रवाइ के बजाय स्वागत सत्कार में जुटा है। अवैध बाल गृह चलाना व किशोर लड़के-लड़कियों को एक बाल गृह में रखना जेजे एक्ट का उल्लंघन है, अपराध है।












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