"हाथ जोड़कर आप सबसे माफी मांगता हूं": मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया पर दिए विवादित बयान को बताया 'भाषाई भूल'
MP News: मध्य प्रदेश सरकार में वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए अपने विवादास्पद बयान पर एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। शुक्रवार को उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह उनके द्वारा की गई "भाषाई भूल" थी और उनका इरादा किसी की भावना आहत करने का नहीं था।
भारतीय सेना की जांबाज महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को "आतंकियों की बहन" कहने वाले मध्यप्रदेश सरकार में वन मंत्री कुंवर विजय शाह एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। इस बार बात माफी से आगे बढ़ चुकी है - सुप्रीम कोर्ट ने बयान को गंभीर मानते हुए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के आदेश दे दिए हैं।

अब सवाल ये है कि क्या यह वाकई 'भाषाई चूक' थी या सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का सुनियोजित प्रयास? और क्या किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से इतनी गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी को केवल 'माफी' से रफा-दफा किया जा सकता है?
क्या कहा था मंत्री विजय शाह ने?
11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक आदिवासी कार्यक्रम 'हलमा' में विजय शाह ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का हवाला देते हुए कहा कि "उन्होंने कपड़े उतार-उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।"
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा: "अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा, कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी।"
इन बयानों का स्पष्ट इशारा भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी की ओर था, जिन्होंने हाल ही में सीमापार आतंक रोधी ऑपरेशन 'सिंदूर' में अहम भूमिका निभाई थी। सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की पहली मुस्लिम महिला अफसर हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मिशन में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
विवाद की चिंगारी कैसे भड़की?
- कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम आते ही बयान ने सांप्रदायिक रंग ले लिया।
- सेना और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने इसे भारतीय सेना के "गौरव और धर्मनिरपेक्ष चरित्र" पर हमला बताया।
- सोशल मीडिया पर व्यापक विरोध हुआ, हैशटैग #IStandWithColSofia ट्रेंड करने लगा।
- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर मंत्री विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
- शाह ने एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन कोर्ट ने उनकी माफ़ी को अस्वीकार कर दिया और SIT जांच का आदेश दे दिया।
Minister Vijay Shah: कानूनी पहलू: क्या सिर्फ माफी काफी है?
मंत्री विजय शाह ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर कहा:"यह मेरी भाषाई भूल थी, किसी को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं था। मैं बहन सोफिया और देशवासियों से माफी मांगता हूं।" लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस माफी को 'अपर्याप्त और बिना पश्चाताप के' मानते हुए:
- 3 सदस्यीय SIT का गठन किया।
- बयान की पृष्ठभूमि, नीयत और असर की जांच के निर्देश दिए।
- भारतीय सेना की प्रतिष्ठा और महिला अधिकारियों की गरिमा को लेकर अदालत ने गंभीर चिंता जताई।
- कर्नल सोफिया कुरैशी: गौरवशाली सेवा की प्रतीक
- भारतीय सेना की कोर ऑफ सिग्नल्स की अधिकारी।
- 2016 में UN मिशन के लिए चुनी गईं - भारतीय सेना की पहली महिला लीडर।
- हाल ही में 'ऑपरेशन सिंदूर' में तकनीकी और रणनीतिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण योगदान।
- सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी सिर्फ किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि उन हजारों सैनिकों की गरिमा पर हमला है जो धर्म, जाति से ऊपर उठकर तिरंगे की रक्षा करते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार: "यह भाषा एक मंत्री की नहीं, किसी ट्रोल आर्मी की है। प्रधानमंत्री को खुद हस्तक्षेप कर ऐसे मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए।" भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों में नाराज़गी, लेकिन अब तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक कार्यवाही नहीं। पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी. के. सिंह ने बयान को "सैन्य गरिमा के खिलाफ" बताया।
राजनीतिक और सामाजिक असर
- भाजपा सरकार की महिला सशक्तिकरण की छवि को गहरा धक्का।
- सेना को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिशों पर जनता में असंतोष।
- मुस्लिम समाज में भारी नाराजगी, जो कि पहले से ही कई मामलों में संवेदनशील बना हुआ है।
Minister Vijay Shah: अब आगे क्या?
SIT 30 दिनों में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी।
जांच के बाद आपराधिक कार्रवाई और मंत्री की भूमिका पर फैसला लिया जाएगा।
यह केस अब स्वतंत्रता, गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की परीक्षा भी बन गया है।












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