G-20 Summit: खजुराहो में जुटेंगे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश, कला-संस्कृति-धरोहर के संरक्षण पर होगा मंथन
खजुराहो में G-20 Summit की संसकृति समूह की बैठकें गुरुवार से आयोजित होंगी। इसके लिए 29 देशों, 7 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से 125 से अधिक डेलीगेट्स आएंगे। खजुराहो सहित ओरछा और पन्ना में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

G-20 Summit: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा 23 से 25 फरवरी तक खजुराहो में जी-20 के 20 देशों का प्रतिनिधि मण्डल विश्व की संस्कृतियों पर मंथन करेगा। जी-20 के 20 देशों सहित 9 मेहमान देशों और 7 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि आज से खजुराहो पहुंचेंगे। खजुराहो में कुल लगभग 125 डेलीगेट्स के पहुंचने के साथ ही भारत में होने वाली जी-20 की चार सांस्कृतिक समूह की बैठकों का पहला दौर शुरू होगा। पहले दिन खजुराहो में लगाई जा रही संस्कृति पर आधारित एक प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया जाएगा। इसका शुभारंभ केन्द्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार एवं मीनाक्षी लेखी व सांसद वीडी शर्मा भी मौजूद रहेंगे।

एक पृथ्वी, एक परिवार रहेगी थीम
मंगलवार को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव लिली पाण्डेय ने छतरपुर में जी-20 की इस बैठक के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जी-20 की व्यापक थीम वसुधैव कुटु्बकम- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य है। संस्कृति मंत्रालय ने भारत की जी-20 की थीम वसुधैव कुटु्बकम से प्रेरित सांस्कृतिक परियोजनाओं का एक मजबूत कार्यक्रम विकसित किया है। संस्कृति सचिव ने आगे बताया कि भारत का जी-20 संस्कृति ट्रैक कल्चर फॉर लाइफ के विचार पर आधारित है, यानी सतत जीवन के लिए एक अभियान के तौर पर पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली।

संस्कृति कार्यसमूह की चार बैठकें होंगी
जी-20 में संस्कृति समूह की 4 बैठकें होंगी। इनमें खजुराहो, भुवनेश्वर, हम्पी और बनारस शामिल हैं। खजुराहो के लिए सांस्कृतिक संपदा का संरक्षण और बहाली, थीम रखी गई है। खजुराहो में सांस्कृतिक कार्यसमूह की इस बैठक में एक प्रदर्शनी भी आयोजित होगी जो महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। यहां आने वाले प्रतिनिधि पश्चिमी समूह के मंदिरों का दौरा करेंगे, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। उन्हें पन्ना टाइगर रिजर्व भी ले जाया जाएगा। आदिवर्त म्यूजिमय में दिखेगी वन्य जीवन की खूबसूरती। जी-20 की इस बैठक के लिए खजुराहो में जिला प्रशासन के सहयोग से संस्कृति विभाग ने आदिवर्त म्यूजिमय का निर्माण किया है। आदिवासी, वनवासी कला संस्कृति पर आधारित इस म्यूजिमय का उद्घाटन भी विदेशी मेहमानों की उपस्थिति में किया जाएगा। 24 फरवरी को विदेशी मेहमान इस म्यूजिमय का भ्रमण करेंगे।
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धरोहरों को वापस लाना, कला, सामाजिक ज्ञान और कला व सृजन विषय
इस बैठक में चार मुद्दों पर होगा मंथन संयुक्त सचिव लिली पाण्डेय ने बताया कि जी-20 की सांस्कृतिक कला समूह की इस बैठक का उद्देश्य चार मुद्दों पर मंथन करना है। पहला जी-20 देशों से अवैध तरीके से बाहर ले जाई गईं धरोहरों को वापस उनके मूल देशों तक लाना। हमारी जीवंत धरोहर, सामाजिक ज्ञान, कला को शासकीय योजनाओं के केन्द्र में प्राथमिकता से रखना। कला और सृजन से जुड़े व्यवसायों और रोजगारों को बढ़ाना। चौथा तकनीक के मायम से कला और संस्कृति के क्षेत्र को विकसित और संरक्षित करना है।
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इन देशों से आ रहे मेहमान
खजुराहो में आयोजित जी-20 समिट में भारत सहित 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनमें अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चाइना, फ्रांस, जर्मनी, इंडिया, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपलिक ऑफ कोरिया, मैकसिको, रसिया, साउदी अरब, साउथ अफ्रीका, तुर्कीये, यूनाईटेड किंगडम, ब्रिटेन, अमेरिका शामिल हैं। इन देशों में दुनिया की दो तिहाई आबादी रहती है। यह बैठक इन्हीं देशों के सांस्कृतिक कार्य समूह की बैठक है। लिली पाण्डेय ने बताया कि बैठक का उद्देश्य आपसी साझेदारी से कला संस्कृति और धरोहर को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि यह इसलिए जरूरी है क्योंकि दुनिया की 3 प्रतिशत जीडीपी कला, संस्कृति से आती है जबकि यह क्षेत्र 6 प्रतिशत से ज्यादा रोजगार देता है।












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