टेरर फंडिग: एमपी से 5 लोग गिरफ्तार, आईएसआई के लिए करते थे काम, पाकिस्तान के 17 फोन नंबर मिले
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से एटीएस एसटीएफ और सतना पुलिस की संयुक्त टीम ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने के 5 आरोपियों को बुधवार रात गिरफ्तार किया है। पांचों की गिरफ्तारी सतना जिले में अलग अलग जगहों से की गई है।

सूत्रों की मानें तो आरोपियों में भागवेन्द्र सिंह, बलराम सिंह, शुभम तिवारी, सुनील सिंह, और एक अन्य शामिल हैं। इसके पहले भी बलराम को भोपाल एटीएस ने 8 फरवरी 2017 को गिरफ्तार किया था। बलराम ही इनका मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

सुनील 2014 से देश विरोधी गतिविधियों में
वहीं, भागवेंद्र को इंदौर एसटीएस ने गिरफ्तार किया था। सुनील 2014 से देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था, लेकिन एटीएस उसे पकड़ नहीं पाई। टेरर फंडिंग के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद आतंक निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम भी सतना पहुंच गई है।

हवाला के जरिए भेजते थे रुपए
मीडिया रिपोर्टर्स में दावा किया गया है कि आरोपी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बात करते थे। फिर बैंक खातों में पैसा जमा कराकर उसे आतंकियों तक पहुंचाते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जुड़े संदिग्ध लोगों को बैंक खातों और हवाला के जरिए कमीशन बेस पर पैसे ट्रांसफर करते थे।

बलराम 2017 में आया जेल से बाहर
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों से फोन और लैपटॉप बरामद किया गया है। उनके पास 17 पाकिस्तानी नंबर मिले हैं। ये लोग आतंकियों के फंड मैनेजर से वीडियो-मैसेंजर कॉल और वॉट्सऐप चैटिंग करते थे। वर्ष 2017 में गिरफ्तारी के बाद बलराम जमानत पर बाहर आया था और वह फिर से टेरर फंडिंग का काम करने लगा।

आरोपियों को भोपाल भेजा
सतना एसपी रियाज इकबाल ने बताया कि इन आरोपियों के पास से 17 पाकिस्तानी कांटेक्ट मिले हैं। ये झारखंड, बिहार व छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में टेरर फंडिंग का काम करते थे। सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट से जुड़े होते थे। उसी के माध्यम से पैसों का आदान-प्रदान और पाकिस्तान में बैठे लोगों से संपर्क में रहते थे। सभी आरोपी एटीएस की कस्टडी में हैं, जिन्हें अग्रिम कार्रवाई के लिए भोपाल ले जाया गया है।












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