Mandsaur News: फाइनेंस कंपनी ने 100 साल के बुजुर्ग को किया बेघर, सदमे से पुजारी के पिता की मौत
Mandsaur News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के दिल दहला देने मामले में 100 वर्षीय बुजुर्गों की मौत हो गई है।फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों द्वारा एक स्थानीय पुजारी के 100 वर्षीय पिता को उनके घर से बाहर निकाल दिए जाने के 10 दिन बाद रविवार को उनकी जान चली गई है।
मामला जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के भील्याखेड़ी गांव का है। गांव की एक राम मंदिर में पुजारी गोविंद दास पूजा करते हैं। उन्होंने अपना घर बनाने के लिए फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। कोरोना कल की समय से आर्थिक मजबूरी के करण वह लोन की किस्त नहीं जमा कर पाए थे जिसे लेकर फाइनेंस कंपनी ने कई नोटिस जारी किए थे।

राम मंदिर के पुजारी गोविंद दास वन इंडिया हिंदी से जानकारी देते हुए बताया कि हमें बेघर हुए 10 दिन हो गए। फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने क्रूर व्यवहार करते हुए मेरे पिता को पंलग समेत बाहर निकाल दिया था। कह रहे थे कि लोन नहीं दिया तो कहीं भी रहो, हमें मतलब नहीं।
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मौत के बाद पुजारी गोविंद दास ने वन इंडिया हिंदी को बताया कि फाइनेंस कंपनी के निकालने के बाद परिवार के साथ मवेशी बांधने वाले घर में पूरा परिवार रह रहा है। उन्होंने बताया कि फाइनेंस कंपनी के कार्रवाई के बाद से ही पिताजी सदमे में थे।

गोविंद पुजारी के अनुसार मैनें तीन लाख रुपए का लोन लिया था कंपनी वाले मुझसे 12 लाख की मांग कर रहे थे। जो किस्त में भरता था उसकी रशीद भी कभी नहीं देते थे। बता दें कि पुजारी के पिता बीमार थे। उनके रीढ़ की हड्डी टूट गई थी जिस कारण वह बिस्तर पर ही हमेशा लेटे रहते थे।
किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने फाइनेंस कंपनी और सरकार दोनों की उनके कार्यों के लिए आलोचना की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की थी, पुजारी के परिवार के लिए न्याय की मांग की और वित्त कंपनी और पुलिस अधिकारियों को उनके कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया।












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