MP News: किसान दें ध्यान, इस तारीख से पहले करवाएं फसल बीमा, वरना...

मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए, प्राकृतिक आपदाओं, कीट एवं रोगों से किसी भी अधिसूचित फसल के नष्ट होने की स्थिति में किसानों को बीमा आवरण एवं वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके, इस हेतु कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की जा रही हैं कि, जिले के लिए हल्का स्तर पर अधिसूचित हल्के में गेहूँ एवं चना फसल का फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर के पूर्व किसान भाई फसलों का बीमा करवा सकते है।

फसलों में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई होकर, जोख़िम से बचा जा सके। इस प्रकार जिले के किसान भाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ रबी मौसम में ले सकते है। यह योजना शासन द्वारा किसानों के हित में खेती किसानी उद्यम को समुचित आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

Indore

किसान विपरीत मौसम को देखते हुए फसलों का बीमा आवष्यक रूप से करा लें क्योंकि इस वर्ष मौसम में तापमान की गिरावट तेजी से हो रही है, ऐसे में पाला पड़ने की पूरी संभावना बनती है, जिससे रबी फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। विशेष तौर पर चना, मसूर, मटर, अलसी एवं सरसों की फसलों को अधिक नुकसान पहुँचता है। जिले के लिए हल्का स्तर पर अधिसूचित गेहूँ सिंचित, गेहूँ असिंचित एवं चना फसल का बीमा किसान भाई मौसम प्रतिकूलता के मद्दे नजर फसल बीमा अनिवार्य रूप से कराने की अपील की जाती है। जिले में फसल बीमा के लिए एच.डी.एफ.सी. एर्गों जनरल इंश्योरेन्स कम्पनी लिमिटेड अधिकृत है।

किसान फसल बीमा कहाँ करवायें

जो कृषक किसी भी कारण से फलस ऋण नहीं ले रहे हो वे कृषक अपनी फसल का बीमा अपने क्षेत्र की राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक/मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा से सम्पर्क कर आवष्यक प्रीमियम भुगतान उपरांत फसल बीमा करवा सकते है।

फसल बीमा करवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

पूर्णतः भरा हुआ प्रस्ताव फार्म (बैंक एकाउण्ट की समस्त जानकारी सहित), भू-अधिकार पुस्तिका, सक्षम अधिकारी द्वारा दिया गया बुवाई का प्रमाण-पत्र (पटवारी अथवा ग्राम पंचायत द्वारा प्रदान किया जावेगा), पहचान पत्र (आधार कार्ड)।

योजनान्तर्गत आच्छादित परिस्थितियां

इस योजना में ओला, पाला, तूफान, बाढ, जल प्लावन, सूखा, कीट एवं रोग, प्राकृतिक आग आदि नुकसानी को शामिल किया गया है। कीट-व्याधी से फसल नुकसानी पर भी योजना में लाभ प्राप्त होगा। इस योजना में फसल बोने/रोपने अंकुरण नष्ट होने के पश्चात मौसम की विपरीत परिस्थितियों के कारण फसल को नुकसान होने पर किसान को बीमित राशि के 25 प्रतिशत का भुगतान तत्काल किये जाने की व्यवस्था की गई है और शेष नुकसान स्थिति के आंकलन के बाद दिया जायेगा।

इस योजना में आने वाले खर्च का वहन केन्द्र और राज्य दोनों के द्वारा किया जायेगा। योजना में वे सभी किसान लाभांवित हो सकेंगे जिसके पास स्वयं की खेती है या बटाई पर खेती की गई हो। पहली बार फसल बीमा में, जल भराव को स्थानीय जोखिम में, एवं फसल कटाई के बाद चक्रवात एवं बेमौसम बारिश का जोखिम भी शामिल किया गया है। ऋणी कृषकों का फसल ऋण प्राप्त करते समय बैंक द्वारा स्वतः फसल बीमा करवाया जा सकेंगा।

योजना के तहत प्रीमियम दर

जिले के लिए हल्का स्तर पर अधीसूचित रबी फसल गेहूँ एवं चना फसल के लिए स्केल ऑफ फायनेंस या ऋणमान निर्धारण राशि प्रति हेक्टयर राशि रूपये 36000/- गेहूँ सिचित, असिचित गेहूँ 26000/- तथा राशि रूपये 25000/- चना फसल पर प्रीमियम राशि 1.5 प्रतिशत की दर से बैंक द्वारा ली जानी है। फसल बीमा हेतु कृषक श्रेणी ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा समान होगा। कृपया किसान बंधु अपनी फसलों का बीमित राशि का बीमा करना सुनिश्चित करें। ऋणी कृषक ऋणी कृषकों का फसल ऋण प्राप्त करते समय बैंक द्वारा स्वतः फसल बीमां करवाया जा सकेगा। अऋणी कृषक जो कृषक किसी भी कारण से फसल ऋण नहीं ले रहे हो वे कृषक अपनी फसल का बीमा उनके क्षेत्र की राष्ट्रीयकृत/सहकारी/ग्रामीण बैंक शाखा/कामन सर्विस सेन्टर इत्यादी से सम्पर्क कर आवयश्क प्रीमियम भुगतान उपरांत फसल बीमा करवा सकते है। फसल बीमा के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने अथवा समस्या समाधान हेतु निकटवर्ती बैंक शाखा, प्राथमिक सहकारी साख समिति, कृषि, उद्यानिकी विभाग के मैदानी अमले तथा विकासखण्ड स्तरीय शासकीय सेवकों से सम्पर्क कर सकते हैं।

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