MP News: इस जिले में घास, भूसे और चारे के निर्यात पर लगी रोक, क्या है कारण, जानिए
मध्यप्रदेश में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेन्द्र सिंह ने जिले की गौशालाओं में निवासरत गौवंशों हेतु वर्षभर चारा और भूसा की उपलब्धता बनाएं रखने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (अत्र पश्चात् मात्र संहिता संबोधन) की धारा 163 के तहत् आगर-मालवा जिले से बाहर समस्त पशु चारा सुखला, घास, भूसा, कड़बी (ज्वार, मक्का के डंठल) आदि के निर्यात एवं उद्योग, फैक्ट्रीयों के बायलरों/ईंट-भट्टो आदि में ईंधन के रूप में उपयोग करना प्रतिबंधित किया है।
जारी आदेशानुसार किसी भी व्यक्ति एवं संस्थान द्वारा पशु चारा व भूसा का जिले से बाहर निर्यात एवं ईंधन के रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा, इसके साथ ही भूसा एव चारे का युक्ति संगत मूल्य से अधिक मूल्य पर किसी भी व्यक्ति द्वारा क्रय-विक्रय करना एवं चारा, भूसा का कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने के लिए अनावश्यक रूप संग्रहण करना प्रतिबंधित रहेगा।

ईंधन उपयोगी भूसे का स्टॉक के लिए लायसेंसधारी उद्योग ही स्टॉक कर सकेगा, इसकी सुरक्षा की समस्त जवाबदारी संबंधित लायसेंसधारी की रहेगी एवं प्रतिबंधित अवधि में जिले के बाहर लेकर जाना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश आगामी दो माह की अवधि तक वैध रहेगा, उक्त अवधि में आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।
इस जिले में लगी रोक
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रौशन कुमार सिंह ने ग्रीष्म ऋतु में हरे चारे घास की कमी को दृष्टिगत रखते हुए गौवंश के उपयोग एवं जिले में संचालित गौशालाओं में भूसे की आपूर्ति के लिए केवल गेहूं भूसा को जिले की सीमा से बाहर निर्यात या परिवहन किया जाना प्रतिबंधित किया गया है उक्त आदेश आगामी दो माह की अवधि के लिए प्रभावशील रहेगा।
यह आदेश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उपसंचालक के प्रस्ताव से सहमत होकर जारी किया गया है। उक्त आदेश मात्र गेहूं भूसा निर्यात को प्रतिबंधित किया गया है। चना, मसूर, तेवडा आदि का भूसा तथा ज्वार एवं धान के डंठल के निर्यात या परिवहन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
जारी आदेश में उल्लेख है कि जिले के कृषकों द्वारा फसल कटाई उपरांत फसल अवशेषों में आग लगाई जाकर नष्ट कर दिया जाता है। जिसके परिणामस्वरूप आगजनी की घटनाएं तो घटित होती ही है, पशु चारे की कमी भी निर्मित होती है, उक्त कारणों से जिले में नरवाई को जलाया जाना प्रतिबंधित किया गया है। प्रतिबंध उपरांत फसल कटाई के अवशेषो (नरवाई) से (गोवंश) के उपयोग हेतु भूसा बनाया जाकर संधारित किया जाना आवश्यक है। वर्तमान में ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ हो गई है, तथा जिले में जानवरो के खाने के लिए हरे घास की कमी हो जाएगी। जिले में फसल कटाई हेतु कम्बाईन हॉर्वेस्टर के साथ स्ट्रा रीपर के उपयोग यानि स्ट्रॉ मेनेजमेन्ट सिस्टम (एसएमएस) को भी अनिवार्य किया गया है, जिससे फसल अवशेषो (नरवाई) से भूसे का निर्माण हो सके।
ये भी पढ़े- MP Weather: इन जिलों में होगी बारिश, यहां गिरेंगे ओले, मौसम को लेकर आया अपडेट
-
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट












Click it and Unblock the Notifications