इंदौर के एमवाय अस्पताल में बनेगा 100 बेड का नया ट्रामा सेंटर, विकास कार्यों पर खर्च होंगे 900 करोड़
MP News: डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर की स्वायत्तशासी संस्था की साधारण परिषद की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। डिप्टी सीएम ने चिकित्सा महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं और संबद्ध अस्पतालों में आने वाले मरीजों की संख्या की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की भी जांच की। डिप्टी सीएम शुक्ला ने जोर देकर कहा कि एमवाय अस्पताल मालवा और मध्य भारत का सबसे बड़ा अस्पताल है। किसी भी मरीज को परेशानी न हो और उसे बेहतर उपचार मिले, इसके लिए सुविधाओं का विस्तार करना बहुत जरूरी है।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सात दिन में मास्टर प्लान तैयार किया जाए। प्रस्तावित विकास कार्यों पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एमवाय अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कैंसर अस्पताल, एमटीएच अस्पताल, तपेदिक निदान अस्पताल और अन्य से जुड़ा हुआ है।
नया ट्रॉमा सेंटर और बिस्तर विस्तार
एमवाय अस्पताल में 100 बिस्तरों वाला नया ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नई सेवाएं जोड़ी जाएंगी। एमवाय अस्पताल के विभिन्न विभागों में बिस्तरों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। कैंसर अस्पताल का भी विस्तार किया जाएगा।
डिप्टी सीएम शुक्ल ने कहा कि एमवाय अस्पताल और उससे जुड़े अन्य अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त बनाने और उनका नवीनीकरण करने के लिए मास्टर प्लान बनाया जाएगा। इसमें एमवाय अस्पताल का विस्तार और विकास भी शामिल है।
डिजिटल मैमोग्राफी मशीन का उद्घाटन
डिप्टी सीएम शुक्ला ने एमवाय अस्पताल में मैमोग्राफी सेंटर और डिजिटल मैमोग्राफी मशीन का उद्घाटन किया। मैमोग्राफी एक एक्स-रे इमेजिंग विधि है जिसका उपयोग स्तन कैंसर और अन्य स्तन रोगों का शीघ्र पता लगाने के लिए किया जाता है। इस केंद्र से स्तन संबंधी बीमारियों का समय पर निदान और उपचार संभव हो सकेगा।
डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि सभी संबद्ध अस्पतालों में बेहतर रोगी देखभाल के लिए सुविधाओं को बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को सेवा वितरण में सुधार के लिए रिक्त पदों को भरने में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और संबद्ध अस्पतालों में रोगी देखभाल दक्षता बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई।












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