MP News: EWS वर्ग को UPSC में आयु सीमा में नहीं मिलेगी छूट, हाईकोर्ट ने खारिज की 17 याचिकाएं
MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने UPSC परीक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट और अटेम्प्ट में रियायत देने संबंधी सभी 17 याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि SC, ST और OBC वर्ग की तरह EWS को UPSC में आयु सीमा में छूट देने का कोई संवैधानिक या कानूनी प्रावधान नहीं है। इसके साथ ही कोर्ट ने स्टेट ओबीसी को सेंट्रल ओबीसी की तरह 9 अटेम्प्ट देने की मांग भी खारिज कर दी है।

मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियों को झटका
मैहर (सतना) निवासी आदित्य नारायण पांडेय सहित प्रदेश के कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर UPSC की परीक्षाओं में EWS अभ्यर्थियों को भी आरक्षित वर्गों की तरह आयु सीमा में 5 साल की छूट और अधिक अटेम्प्ट की सुविधा देने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि जब EWS को शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण दिया जा रहा है, तो UPSC परीक्षाओं में भी उन्हें समान लाभ मिलना चाहिए।
हाईकोर्ट ने फरवरी में दी थी अंतरिम राहत
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 18 फरवरी को अंतरिम आदेश देते हुए EWS उम्मीदवारों को UPSC सिविल सेवा परीक्षा-2025 में आयु सीमा में 5 साल की छूट और अन्य आरक्षित वर्गों की तरह 9 अटेम्प्ट की सुविधा देने का निर्देश दिया था। हालांकि, यह आदेश अंतिम नहीं था और मामले की सुनवाई जारी थी। अब कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने फैसले में क्या कहा
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने 44 पेज के फैसले में कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, EWS वर्ग को UPSC परीक्षा में SC, ST और OBC की तरह आयु में छूट और अतिरिक्त अटेम्प्ट देने का कोई प्रावधान नहीं है। कोर्ट ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के आरक्षण नियम अलग-अलग होते हैं। इसलिए राज्य में मिलने वाली सुविधा को केंद्र में लागू करने का दावा नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट की दलीलों का भी दिया हवाला
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में दिए गए फैसलों का भी हवाला दिया और कहा कि UPSC जैसी अखिल भारतीय सेवा परीक्षाओं में केंद्र सरकार के नियम ही मान्य होंगे। लिहाजा EWS उम्मीदवारों को UPSC में अतिरिक्त अटेम्प्ट और आयु में छूट की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।
सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ने कहा
याचिकाकर्ता पक्ष के सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ने बताया कि कोर्ट ने फरवरी में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था। आज कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए EWS वर्ग की सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि UPSC परीक्षा में आरक्षण से जुड़े मामलों में केवल केंद्र सरकार के नियम लागू होंगे।
25 मई को होगी UPSC की प्रारंभिक परीक्षा
UPSC ने 2025 में 979 पदों के लिए सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की है। प्रारंभिक परीक्षा आगामी 25 मई को होगी। कोर्ट के इस फैसले के बाद EWS वर्ग के उन हजारों उम्मीदवारों को झटका लगा है, जो आयु सीमा में छूट और अटेम्प्ट बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे थे।












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