दिग्विजय सिंह ने भय्यूजी महाराज की खुदकुशी को लेकर किया बड़ा खुलासा

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    इंदौर। आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज ने इंदौर में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। इस बीच छह लाइन का उनका सुसाइड नोट भी सामने आया है। इसमें उन्होंने लिखा है- काफी तनाव में हूं और परेशान हूं, मैं जा रहा हूं। हालांकि कि अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि वह किस कारण से तनाव में जी रहे थे। इसी बीच भय्यूजी महाराज की मौत पर मध्य प्रदेश पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह(भय्यूजी महाराज) शिवराज सरकार द्वारा नर्मदा में करवाई जा रहे अवैध खनन के लेकर चिंतित थे।

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    पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि, भय्यूजी महाराज शिवराज सिंह द्वारा नर्मदा में कराए जा रहे अवैध खनन के लेकर चिंतित थे। शिवराज सिंह ने भय्यूजी महाराज को अपना मुंह बंद रखने के लिए मंत्री पद भी ऑफर किया था। लेकिन उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया था। उन्होंने खुद मुझे कॉल पर इस बारे में बताया था।

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    आपको बताते चले कि हाल ही में शिवराज सिंह सरकार ने राज्य में पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। इस बाबाओं में भय्यूजी महाराज भी शामिल थे। हालांकि भय्यूजी महाराजने सरकार के इस फैसले को ठुकरा दिया था।

    1968 को जन्मे भय्यू महाराज का जन्म नाम उदयसिंह देखमुख था। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने करियर का आगाज कपड़ों के एक ब्रांड के लिए एड के साथ किया था। हालांकि बाद में वे गृहस्थ संत बन गए। सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके ही देखरेख में चलता है।

    मौत के बाद भय्यूजी महाराज की पहली तस्वीर, कनपटी से गोली निकली आर-पार

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    English summary
    Congress' Digvijay Singh says bhayyuji Maharaj was worried about illegal mining in Narmada by Shivraj govt

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