Bageshwar Dham Secrets : पहले दादा अब पोता Dhirendra Shastri कैसे जान लेता है सबके मन की बात?
Bageshwar Dham Secrets : छतरपुर में बागेश्वर धाम देश दुनिया में आस्था का केंद्र है। यहां कथावाचक पंडित धीरेंद्र कुमार शास्त्री बजरंग बली का दिव्य दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान का दावा करते हैं।

Bageshwar Dham Sarkar Secrets & Controversy : बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कुमार शास्त्री अपने दिव्य दरबार को लेकर सोशल मीडिया में छाए रहते हैं। इन दिनों नागपुर की अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक श्याम मानव की चुनौती को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बीच जानिए बागेश्वर धाम में आचार्य बनने, लंदन की संसद में पहुंचकर सम्मानित होने व मुस्लिम दोस्त से रुपए उधार लेकर बहन की शादी करने वाले धीरेंद्र शास्त्री की पूरी कहानी।

धीरेंद्र शास्त्री का जन्म, बचपन व परिवार
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा में 4 जुलाई 1996 को रामकृपाल गर्ग व सरोज गर्ग के घर धीरेंद्र शास्त्री का जन्म हुआ। इनके एक छोटा भाई व एक बहन है। बहन की शादी हो चुकी है।
12वीं तक पढ़े लिखे धीरेंद्र कृष्ण भी पिता की तरह गांव में भगवान सत्यनारायण और रामकथा की कथा सुनाया करते थे। गढ़ा गांव में ही चंदेलकालीन बालाजी का प्राचीन मंदिर है। इसकी प्रसिद्धि अब बागेश्वर धाम के तौर पर है। यहां धीरेंद्र शास्त्री के दादा भगवानदास गर्ग की समाधि है।
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अब पोता धीरेंद्र अपने दादा की राह पर
कहा जाता है कि भगवानदास गर्ग सिद्ध पुरुष थे। वे मंगलवार-शनिवार को गांव के हनुमान मंदिर में दिव्य दरबार लगाते थे। यहां फरियाद लेकर आने वाले लोगों के मन की बात वे जान लेते थे।
अब पोता धीरेंद्र अपने दादा की राह पर हैं। वे नौ साल की उम्र में अपने दादाजी के साथ हनुमानजी मंदिर जाया करते थे। दादा से ही भगवान सत्यनारायण व रामकथा सीखी। अब ये बागेश्वर धाम में दिव्य दरबार लगाते हैं। लोगों की अर्जी सुनते हैं।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आठवीं तक की पढ़ाई गांव से पूरी
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आठवीं तक की पढ़ाई गांव से पूरी की। फिर चाचा के पास गंज जाकर वहां से 12वीं तक पढ़े। 14 जून 2022 को उन्हें लंदन की संसद में 3 अवॉर्ड संत शिरोमणि, वर्ल्ड बुक ऑफ लंदन और वर्ल्ड बुक ऑफ यूरोप से सम्मानित किया गया।
अपनी कथा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर अपने परिवार के खराब आर्थिक हालात का भी जिक्र करते रहते हैं। कहते हैं कि बहन की शादी के लिए उन्होंने अपने मुस्लिम दोस्त शेख मुबारक से 20 हजार रुपए उधार लेकर बारातियों की मेजबानी की थी।

बागेश्वर धाम में कैसे लगाई जाती है अर्जी?
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमानजी का दिव्य दरबार लगाते हैं, जिसमें लोगों की मन की बात को 3 सवाल और उनके समाधान एक पन्ने पर लिखते हैं। बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने के लिए ओम बागेश्वराय नम: मंत्र का जाप करते हुए लाल कपड़े में लिपटे नारियल को बांधना होता है। साथ ही दिव्य दरबार में उपस्थित होने के लिए टोकन भी लेना पड़ता है, जिस पर अर्जी लगाने वाले का नाम, पता व मोबाइल नंबर लिखना होता है। फिर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री अर्जी लगाने वाले को नंबर आने पर पुकारते हैं।












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