OPINION: सड़कों के विकास ने बदली मध्यदेश की तस्वीर, 20 साल में 44 हजार से 4.10 लाख किमी का जाल
मध्यप्रदेश ने पिछले डेढ़ दशक में विकास के नये आयाम स्थापित कर विकसित राज्य की पहचान बना ली है। मध्यप्रदेश की सुशासन और विकास रिपोर्ट- 2022 के अनुसार राज्य में आए बदलाव से मध्यप्रदेश बीमारू से विकसित प्रदेशों की पंक्ति में उदाहरण बन कर खड़ा हुआ है। विकास की इस राह में सबसे ज्यादा योगदान प्रदेश की सड़कों का है।

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के समय नॉर्थ-साउथ कोरिडोर के रूप में देश को आधुनिक विकसित सड़कों से जोड़ने वाले युग का शुभारंभ हुआ। ग्रामीण अंचल में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों ने एक तरह से ग्रामों की अर्थ-व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदा सरकार ने भी अत्याधुनिक राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे की सौगात दी। मध्यप्रदेश में भी सड़कों के निर्माण, उनके सुदृढ़ीकरण पर राज्य सरकार ने विशेष ध्यान दिया। सड़कें विकास की संवाहक है। पिछले 18 वर्षों से मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सड़को के माध्यम से विकास के रथ को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम व्यापक दूरदृष्टि के साथ लगातार किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में वर्ष 2003 के पहले प्रदेश में सड़कों की हालत बेहद ही बदहाल थी। सड़कें गड्डो में तब्दील हो चुकी थी। अच्छी सड़कें विकास की धुरी होती है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2001-02 में महज 44 हजार किलोमीटर सड़कें थीं, लेकिन पिछले दो दशक में मध्यप्रदेश का परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है। आज विकास के सूचकांकों में प्रदेश की उपलब्धियां गौरव करने वाली है। राज्य की विकास दर 16 प्रतिशत से अधिक है। औद्योगिक विकास दर 24 प्रतिशत है। सड़क, बिजली और पानी के मुद्दे पर परिणाम हम सबके सामने हैं। इस दौरान प्रदेश ने 23 प्रतिशत कृषि विकास दर अर्जित की और सात बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त किया। प्र
मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने चौथे कार्यकाल के पहले वर्ष में "आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश' के सुदृढ़ भवन की जो परिकल्पना की, उसके आधारभूत चार स्तम्भ में भौतिक अधोसंरचना को प्रथम स्तम्भ के रूप में रखा। उनका मानना है कि प्रदेश की भौतिक अधोसंरचना में सड़कें एक मुख्य घटक हैं। सरकार की सभी सेवाएं, जन-सुविधाएं, आम-जन तक तभी पहुंच सकेगी। जब प्रदेश में सुदृढ़ आधार भूत संरचना हो, जिसका पहला पायदान है "सुदृढ़ सड़कें। अपनी इसी सोच के चलते मध्यप्रदेश सरकार ने अपने दो दशकों के कार्यकाल में गांव-गांव, शहर-शहर में अच्छी गुणवत्तायुक्त सड़कों का जाल बिछाया है। मौजूदा वक्त में 4 लाख 10 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जा चुकी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में लगभग 1500 किलोमीटर लंबाई के 40 हजार करोड़ की लागत के 35 कार्य स्वीकृत हैं। अटल, नर्मदा और विंध्य प्रगति पथ के साथ मालवा, बुंदेलखंड और मध्य विकास पथ निर्मित किए जा रहे हैं।
MP में 8 हजार 858. किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है
वर्तमान में प्रदेश में 8 हजार 858. किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। इसके अतिरिक्त 4 हजार 593 किलोमीटर लम्बाई के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के लिए केंद्र सरकार से सैद्धान्तिक अनुमति प्राप्त हो गई है। प्रदेश में 11 हजार 389 किलोमीटर राज्य राजमार्ग, 22 हजार 691 किलोमीटर मुख्य जिला मार्ग तथा 28 हजार 023 किलोमीटर अन्य जिला मार्ग है। इस प्रकार कुल 70 हजार 961 किलोमीटर सड़कें शहरी अंचल में तथा लगभग 80 हजार किलोमीटर लंबाई की सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तैयार की गई हैं।












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