बेटियों को पिता के अंतिम दर्शन से रोका, मां के साथ दादा-ताऊ ने की मारपीट, घर से निकाला
Madhya Pradesh के छतरपुर जिला मुख्यालय पर बेटियों को जन्म देने के कारण एक महिला और तीन बेटियों को घर से निकालने का मामला सामने आया हैं। इतना ही नहीं बेटियों के पिता की मृत्यु के बाद बेटियों और उसकी मां को अपने पिता के अंतिम दर्शन करने तक से रोक दिया। अब महिला बेटियों को लेकर ससुराल पति के अंतिम संस्कार की क्रिया में शामिल होने पहुंची तो उसे वहां से भगा दिया गया। उसके दादा, ताऊ सहित सभी ने देहरी के अंदर नहीं आने दिया।

छतरपुर में सिविल लाइन थाना के देरी इलाके की निवासी महिला सुनीता कुशवाहा के पति और तीन बच्चियों के पिता मुकेश कुशवाहा की पिछले दिनों कुएं में गिरकर डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद से बच्चियों के दादा, चाचा, और ताऊ ने अंतिम दर्शन करने घर पहुंची महिला और रोती हुई बच्चियों को मुकेश के पार्थिव शरीर के दर्शन तक नहीं करने दिए। घर की देहरी से बाहर भगा दिया। इतना ही नहीं पत्नी के साथ परिजनों ने मारपीट भी की थी, जिसकी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
एसपी ऑफिस पहुंचकर तेरहंवी में शामिल कराने मदद मांगी
सुनीता कुशवाहा अपनी तीनों बेटियों के साथ छतरपुर एसपी ऑफिस पहुंची थी। उसने एसपी को ज्ञापन देकर पति की तेरहवीं में शामिल होने के लिए आवेदन देकर मदद मांगी है। उसने कहा है कि उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराए जाए ताकि वे अपने पति के घर बेटियों को ले जाकर पति की तेरहंवी पूजन में शामिल हो सकें। बताया जा रहा है कि मृतक ने अपनी पत्नी को तीनों बेटियों समेत घर से बाहर निकाल दिया था। मृतक अपनी तीनों बेटियों तो बोझ समझता था, जब एक के बाद एक पत्नी ने तीन बेटियों को जन्म दिया तो उसने पत्नी को बेटियों समेत घर से निकाल दिया। पहली पत्नी और बच्चों के घर से निकालने के बाद मृतक ने दूसरी शादी कर ली थी। जिसके बाद महिला अपनी तीनों बेटियों के साथ किराए के घर में रहकर किसी तरह से जीवन यापन कर रही है।












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