• search
मध्य प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
Oneindia App Download

Damoh: गिद्धों से आबाद होने लगा रानी दुर्गावती अभयारण्य, हर साल बढ़ रही आबादी

Google Oneindia News

Damoh जिले के रानी दुर्गावती अभयारण्य व सिंग्रामपुर में गिद्दों की गणना चल रही है। प्रारंभिक रिर्पोट में करीब 260 गिद्ध मिले हैं। 90 के दशक में यहां महज चंद गिद्ध ही नजर आते थे, लेकिन इनके संरक्षण के उपाय के बाद यहां इनकी आबादी बढ़ने लगी है। इसके अलावा जिले के ही मड़ियादो इलाके में लॉन्ग बिल्ड वल्चर प्रजाति के 100 से अधिक गिद्ध देखने को मिले हैं।

रानी दुर्गावती अभयारण्य व मड़ियादो में 360 से अधिक गिद्ध मिले

रानी दुर्गावती अभयारण्य व मड़ियादो में 360 से अधिक गिद्ध मिले

लॉन्ग बिल्ड वल्चर प्रजाति के गिद्ध वैसे तो बुंदेलखंड में पूर्व ही पाए जाते रहे हैं, लेकिन बीते तीन दशकों में इनकी आबादी विलुप्ती की कगार पर पहुंच चुकी थी। हालांकि यहां के टाइगर रिजर्व और वन्य प्राणी अभयारण्य में इनके संरक्षण के प्रयास किए गए तो इनकी आबादी एक बार फिर से बढ़ने लगी है। दमोह जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती वन्य प्राणी अभयारण प्रबंधन ने बीते दिनों अभयारण्य क्षेत्र के अंदर पहाड़ी इलाकों में गिद्धों की गणना कराई थी। इसमें प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार यहां 100 लॉन्ग बिल्ड वल्चर प्रजाति के गिद्ध मिले हैं। यह आशाजनक आंकड़ा है। जानकारी के लिए बता दें कि पन्ना टाइगर रिजर्व से सटा मड़ियादो का जंगल वन्य प्राणियों का प्राकृतिक आवास है।

 4 साल पहले की गणना में इनकी आबादी 210 बताई गई थी।

4 साल पहले की गणना में इनकी आबादी 210 बताई गई थी।

मप्र में दमोह जिले का रानी दुर्गावती अभयारण्य और सिंग्रामपुर का इलाका इन दिनों दुर्लभ माने जाने वाले गिद्धों की आबादी से गुलजार हो रहा है। यहां पर डेढ़ से दो दशक पहले तक गिद्ध विलुप्ती की कगार पर पहुंच गए थे, इनके संरक्षण के के प्रयास किए गए तो अब एक बार फिर इनकी आबादी बढ़ने लगी है। बीते दिनों अभयारण्य द्वारा इनकी गणना कराई गई जिसमें इनकी संख्या करीब 260 सामने आई है। 4 साल पहले की गणना में इनकी आबादी 210 बताई गई थी।

तीन साल पहले मिला था दुर्लभ जटायु प्रजाति गिद्ध

तीन साल पहले मिला था दुर्लभ जटायु प्रजाति गिद्ध

दमोह जिले के हटा विकासंड के कांटी गांव में 4 साल पहले जटायु की तरह दिखने वाला एक बीमार व घायल गिद्ध मिला था। बाहरी इलाके में घायल अवस्था में बैठे इस गिद्ध को देखने के लिए उस समय मजमा सा लग गया था। बाद में वन विभाग ने इस गिद्ध को ले जाकर उपचार कराया और जंगल में छोड़ा था। इस गिद्ध की लंबी गर्दन, मोटी चोंच, लंबे-चौड़े पंख थे, जिस कारण उसे जटायु की संज्ञा दी जा रही थी। इसके पूर्व भी दमोह जिले के आसपास अलग-अलग समय में इस तरह के दुर्लभ गिद्ध देखे गए थे। पशु चिकित्सकों ने उस गिद्ध को समर प्रजाति का गिद्ध बताया था, जो दूषित मांस खाने से बीमार हो गया था। पंख में भी घाव थे।

Mahakal Lok Corridor : कलेक्टर क्यों बांट रहे संत, महात्माओं और पुरोहितों को पीले चावल, जानिए वजहMahakal Lok Corridor : कलेक्टर क्यों बांट रहे संत, महात्माओं और पुरोहितों को पीले चावल, जानिए वजह

https://hindi.oneindia.com/photos/nora-fatehi-fifa-world-cup-anthem-light-sky-oi91473.html

Comments
English summary
The counting of vultures is going on in Damoh district, Kerani Durgavati Sanctuary and Singrampur. About 260 vultures have been found in the initial report. In the 90s, only a few vultures were seen here, but after their conservation measures, their population has started increasing here. Apart from this, more than 100 vultures of Long Build Vulture species have been seen in the Madiyado area of ​​the district itself.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X