लेट आने वाले शिक्षकों को छात्राओं ने सिखाया सबक, स्कूल के गेट पर जड़ा ताला
दमोह जिले के हिंडोरिया में सरकारी कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल की छात्राओं ने अपने लेट-लतीफ शिक्षकों को सबक सिखा दिया। छात्राओं ने गुस्से में आकर स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। बच्चियों के इस कदम से शिक्षक पानी-पानी

सरकारी स्कूलों में मनमर्जी और देरी से पहुंचने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए यह खबर आंखे खोलने वाली हो सकती है। शिक्षकों से पाठ पढ़ने वाले बच्चे अब उनकी लगातार गलती पर सबक भी सिखा सकते हैं। मप्र के दमोह जिले में एक सरकारी स्कूल में अपने शिक्षकों की लेट-लतीफी से परेशान छात्राओं ने स्कूल के मुख्यद्वार पर ही ताला जड़ दिया। यकीन मानिए लेट आने वाले प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षिकाएं सहित अन्य स्टाफ करीब आधे घंटे तक स्कूल के बाहर खड़े शर्म से पानी-पानी होता रहा।
दरअसल मप्र के दमोह में हिंडोरिया में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला मौजूद है। बोर्ड एक्जाम का टेंशन और शिक्षकों के देरी से आने के बाद छात्राओं का कोर्स पिछड़ रहा था। परेशान होकर सभी छात्राओं ने अपने शिक्षकों को सबक सिखाने का कदम उठा लिया। बीते रोज गुरुवार को जब स्कूल लगने के समय 10.30 बजे तक प्राचार्य और शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे तो छात्राओं ने स्कूल के मुख्यद्वार पर अंदर से ताला लगा दिया और गेट के पास ही खड़ी हो गईं। जो स्टाफ समय पर स्कूल आ चुका था, उन्होंने छात्राओं को ताला खोलने के लिए कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया।
Recommended Video
प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षिकाएं आधे घंटे मनाते रहे
जानकारी अनुसार देरी से स्कूल पहुंचने की आदत के कारण हिंडोरिया कन्या स्कूल के प्राचार्य और शिक्षकों को शर्मिंदा होना पड़ा। प्राचार्य जेपी पटेल, शिक्षिका मंजू लता सूर्यवंशी, ऐश्वर्या जैन, हेमलता सोनी, राहुल पटेल सहित अन्य टीचर और स्टाफ ने छात्राओं से ताला खोलन को बोला था, लेकिन छात्राओं ने साफ मना कर दिया। इस दौरान कुछ अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए थे। उन्होंने और शिक्षकों ने छात्राओं को मनाया और समझाया तब कहीं करीब 11 बजे के बाद स्कूल का ताला खोला गया। इसे पूर्व प्राचार्य सहित शिक्षकों ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि वे समय पर स्कूल आएंगे।












Click it and Unblock the Notifications