Damoh: जबरन धर्मांतरण के खेल में 8 पर एफआईआर, ईसाई समाज के सभी आरोपी फरार
Madhya Pradesh के दमोह में बीते एक महीने जबरन धर्मांतरण और मिशनरी के बाल भवन में 194 बच्चों को हिन्दू-मुस्लिम से क्रिश्चिन बनाने के मामले तीन मामले सामने आ चुके हैं। मामले में एनसीडब्ल्यू और बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया था। बीते रोज जबरन धर्मांतरण के मामले में मड़ाहार इलाके के पास पहाड़ी पर बने यीशू भवन में रहने वाले और मिशनरी के माध्यम से धर्मांतरण कराने वाले 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। एनसीडब्ल्यू ने एमपी के डीजी को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा था। इधर एफआईआर दर्ज होते ही चर्च से जुड़े व ईसाई समाज के सभी 8 आरोपी फरार हो गए हैं।

मप्र के दमोह में ईसाई मिशनरी के यीशू भवन में रहने वाले केरल व दिल्ली के लोगों द्वारा दलित परिवारों को उधार देकर व पैसे का लालच देकर जबरन धर्मांतरण करा दिया गया। इस मामले में धर्मांतरण कराने वाले कन्वर्टेड ईसाई परिवारों की महिलाओं से छेड़छाड़ भी करते थे। इस मामले में बीते दिनों एसपी डीआर तेनीवार को दो दफा ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। मामले में राष्ट्रीय महिला अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया था। एमपी डीजी को पत्र लिखकर जांच कराने और एफआईआर करने को कहा था।

आठ आरोपियों पर एफआईआर दर्ज, सभी आरोपी फरार
दमोह के देहात थाना अंतर्गत मराहार के जीसस भवन में केरल के यीशु संस्थान द्वारा धर्मांतरण सहित अहिरवार समाज की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पर केरल निवासी व वर्तमान में मराहार में निवास करने वाले विज्जु पास्टर, नैनन थामस पास्टर, फिलिसपन मैथ्यू, रिन्यू मैथ्यू, साजन अब्राहम, थामस, निधि थामस व अप्पू थामस के विरुद्ध छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी, बंधक बनाने, मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, धार्मिक संस्था के दुरुपयोग, पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी अनुसार यहां पर करीब 10 साल से धर्मांतरण का खेल चल रहा है। धर्मांतरण की शिकायतों की जांच के लिए सीएसपी अभिषेक तिवारी की टीम ने जांच की थी।












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