करीना कपूर की किताब पर विवाद: जबलपुर हाईकोर्ट में पेश किया जवाब, अगली सुनवाई 10 सितंबर को
एक्ट्रेस करीना कपूर ने अपनी किताब "प्रेग्नेंसी बाइबल" को लेकर उठे विवाद पर मंगलवार को जबलपुर हाईकोर्ट में जवाब पेश किया। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि किताब के शीर्षक में ऐसा कुछ भी नहीं है जो किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करे या किसी को ठेस पहुंचाए।
करीना कपूर ने 9 अगस्त 2021 को अपनी किताब "प्रेग्नेंसी बाइबल" लॉन्च की थी और इसे उन्होंने अपने तीसरे बच्चे के समान बताया था।

जानिए विवाद:
2022 में, जबलपुर के वकील किस्ट्रोफर एंथोनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिसमें आरोप लगाया गया कि किताब के शीर्षक से ईसाई समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। एंथोनी ने किताब पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
कोर्ट की प्रक्रिया:
- पहली सुनवाई: अगस्त 2022 में हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भी इस मामले में पार्टी बनाने का निर्देश दिया था।
- नोटिस: 10 मई को कोर्ट ने करीना कपूर को नोटिस जारी कर उनके जवाब की मांग की थी।
- अगली सुनवाई: अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को जस्टिस जीएस अहलूवालिया की कोर्ट में होगी।
करीना कपूर का पक्ष:
करीना कपूर के वकील ने कोर्ट में बताया कि किताब का शीर्षक किसी भी धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत नहीं करता। उनकी किताब को लेकर उठे विवाद को लेकर कोर्ट में उचित जवाब प्रस्तुत किया गया है और उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट इस मामले पर उचित निर्णय लेगी।
करीना कपूर के वकील ने हाईकोर्ट में दिए तर्क: किताब के शीर्षक पर विवाद की स्थिति स्पष्ट की
करीना कपूर और जगन्नाथ पब्लिकेशन ने अपनी किताब "प्रेग्नेंसी बाइबल" पर उठे विवाद को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में रिप्लाई याचिका दायर की है। वकील दिव्य कृष्ण बिलैया ने अदालत में यह स्पष्ट किया कि किताब का शीर्षक किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करता और न ही इसकी कोई ऐसी मंशा थी। उन्होंने किताब के समर्थन में निम्नलिखित तर्क प्रस्तुत किए:
स्वतंत्रता का अधिकार: वकील दिव्य कृष्ण बिलैया ने बताया कि किताब लिखने का अधिकार संविधान के तहत स्वतंत्रता का हिस्सा है, जिसे स्वतंत्रता के अधिकार के तहत अनुमति प्राप्त है।
एफआईआर की प्रकृति: एडवोकेट क्रिस्टोफर एंथोनी ने करीना कपूर के खिलाफ आईपीसी की धारा 294 और 295 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, ये धाराएं आमतौर पर उन मामलों के लिए होती हैं जहां सामाजिक ग्रंथों का अपमान किया जाता है, और किताब में ऐसी कोई मंशा नहीं है।
उद्देश्य की स्पष्टता: किताब को किसी भी धार्मिक ग्रंथ, विशेषकर बाइबल, का अपमान करने के उद्देश्य से नहीं लिखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट: वकील ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने अपने कई फैसलों में बाइबल शब्द का प्रयोग किया है और इसे "गुड थॉट्स" के संदर्भ में बताया है। इसका मतलब यह है कि बाइबल शब्द का उपयोग आमतौर पर नकारात्मक अर्थ में नहीं किया जाता है।
किताब का लॉन्च और सामग्री: करीना कपूर ने 9 अगस्त 2021 को "प्रेग्नेंसी बाइबल" किताब लॉन्च की थी। किताब के लॉन्च के समय उन्होंने करण जौहर के साथ बातचीत में प्रेग्नेंसी के दौरान अनुभव किए गए उतार-चढ़ावों पर चर्चा की थी।












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