MP News: विधायक का विवादित बयान, साधु-संतों को बताया 'सांड', BJP का पलटवार- सनातन को नहीं मिटा पाएगी कांग्रेस

MP News: मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर विवाद की आग भड़क गई है। कांग्रेस विधायक डॉ राजेंद्र कुमार सिंह के साधु-संतों पर दिए गए एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। सतना जिले के अमरपाटन से विधायक राजेंद्र सिंह ने साधु-संतों, सन्यासियों और महामंडलेश्वरों की तुलना 'सांड' से कर दी, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर सनातन धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेता सनातन को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा करने में वे खुद ही खत्म हो जाएँगे। यह विवाद अब सियासी हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया है।

Congress MLA Rajendra Kumar controversial statement called saints and sages bulls MP BJP hits back

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद 26 मार्च 2025 को सतना जिले में आयोजित कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन से शुरू हुआ। इस दौरान अमरपाटन से कांग्रेस विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में साधु-संतों, सन्यासियों, बाबा बैरागी और महामंडलेश्वरों पर तंज कसते हुए एक विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा, "साधु-संत, सन्यासी, बाबा बैरागी और महामंडलेश्वरों को छोड़ दिया जनता के बीच। कहा जाओ हिंदुत्व की बात करो, बीजेपी का प्रचार करो, सनातन की बात करो और ये सांड चर रहे दूसरों के खेत।"

उनके इस बयान का मतलब था कि बीजेपी ने साधु-संतों को अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल किया है, और वे जनता के बीच जाकर बीजेपी और हिंदुत्व का प्रचार कर रहे हैं। लेकिन 'सांड' जैसे शब्द का इस्तेमाल साधु-संतों के लिए करना सियासी हलकों में भारी विवाद का कारण बन गया। विधायक ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि अब यह पार्टी पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने राम मंदिर और कुंभ मेले को लेकर भी सवाल उठाए। राजेंद्र सिंह ने कहा, "हल्ला मचाया गया कि 60-70 करोड़ लोग कुंभ नहाने गए, लेकिन असल में यह संख्या 10-12 करोड़ से अधिक नहीं थी। मैं खुद एक विज्ञान का विद्यार्थी हूं और तथ्यों को जानता हूं।"

बीजेपी का तीखा पलटवार: "कांग्रेस सनातन को बदनाम कर रही!"

विधायक राजेंद्र सिंह के इस बयान पर बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने इस बयान को सनातन धर्म और साधु-संतों का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उसके नेता एक विशेष वर्ग की राजनीति करने का काम करते हैं, इसलिए सनातन को बदनाम करने का काम करते हैं। कभी कांग्रेस के सहयोगी दल सनातन की तुलना डेंगू, मलेरिया, कोरोना से करते हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं कि कुंभ में नहाने से क्या गरीबी दूर होगी। अब इस लिस्ट में कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह भी आ गए हैं और साधु, महात्मा, संत लोगों को सांड बता रहे हैं।"

दुर्गेश केसवानी ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा, "कांग्रेस के लोगों को सनातन से इतनी नफरत क्यों है? जो आपके बड़े भाई, जो मुगल हुआ करते थे, वे सनातन को नहीं खत्म कर पाए। अंग्रेज सनातन को खत्म नहीं कर पाए। तो कांग्रेस किस खेत की मूली है जो सनातन को खत्म करेगी? अगर आप ऐसी कोशिश करोगे, तो सनातन तो खत्म नहीं होगा, अलबत्ता कांग्रेस जरूर खत्म हो जाएगी।"

सनातन पर कांग्रेस के पुराने बयानों का जिक्र

दुर्गेश केसवानी ने कांग्रेस के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने सनातन धर्म को निशाना बनाया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें खड़गे ने कुंभ मेले पर सवाल उठाते हुए कहा था, "कुंभ में नहाने से क्या गरीबी दूर होगी?" इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस के सहयोगी दलों के उन बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से की गई थी।

केसवानी ने कहा कि कांग्रेस की यह सोच सनातन धर्म के प्रति उसकी नफरत को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुगल और अंग्रेज सनातन धर्म को खत्म नहीं कर पाए, तो कांग्रेस कैसे इसकी बराबरी कर सकती है? उन्होंने चेतावनी दी कि सनातन को बदनाम करने की कोशिश में कांग्रेस अपनी सियासी जमीन खो देगी।

बीजेपी का आरोप: "कांग्रेस की हिंदू विरोधी मानसिकता"

बीजेपी ने इस बयान को कांग्रेस की "हिंदू विरोधी मानसिकता" का सबूत बताते हुए इसे सनातन धर्म के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश करार दिया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस बार-बार सनातन धर्म और हिंदू परंपराओं को निशाना बनाकर अपनी वोटबैंक की राजनीति को मजबूत करना चाहती है। बीजेपी ने यह भी कहा कि राम मंदिर और कुंभ मेले जैसे आयोजनों ने सनातन धर्म को और मजबूती दी है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं कर पा रही।

सोशल मीडिया पर बहस: "साधु-संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं!"

अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कांग्रेस विधायक के बयान पर कड़ा प्रतिवाद किया है उन्होंने कहा कि कि ऐसे लोगों की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। कांग्रेस के लोग सनातन धर्म के विरोधी हो चले हैं ऐसे लोगों को जवाब आगामी चुनाव में जनता खुद दे देगी।

सनातन पर बार-बार विवाद क्यों?

यह पहली बार नहीं है जब सनातन धर्म को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आए हैं। हाल के दिनों में कई मौकों पर कांग्रेस नेताओं के बयानों ने विवाद को जन्म दिया है। जनवरी 2025 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुंभ मेले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नहाने से गरीबी दूर नहीं होगी, जिसके बाद बीजेपी ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताया था। इसके अलावा, कांग्रेस के सहयोगी दलों ने भी सनातन धर्म की तुलना बीमारियों से करके विवाद खड़ा किया था।

बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस सनातन धर्म को बदनाम करके एक खास वर्ग को खुश करना चाहती है, ताकि उसका वोटबैंक मजबूत हो। वहीं, कांग्रेस का तर्क है कि बीजेपी सनातन धर्म का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रही है।

एक सवाल: क्या सनातन धर्म सियासत का हथियार बन गया है?

यह विवाद एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि क्या सनातन धर्म सियासत का हथियार बन गया है? दोनों पार्टियाँ-कांग्रेस और बीजेपी-एक-दूसरे पर सनातन धर्म को बदनाम करने या उसका गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही हैं। लेकिन इस सियासी जंग में साधु-संतों और सनातन धर्म की गरिमा को ठेस पहुँच रही है। साधु-संतों को 'सांड' कहना न सिर्फ उनकी भावनाओं को आहत करता है, बल्कि उन करोड़ों लोगों की आस्था पर भी चोट करता है, जो सनातन धर्म को मानते हैं।

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