गरीबों को खाना खिलाने वाले...जानें कौन हैं ट्रक ड्राइवर से औकात पूछने वाले कलेक्टर किशोर कन्याल
Shajapur News: मध्य प्रदेश में हिट एंड रन कानून के विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल काफी चर्चा में आ गए। ट्रक ड्राइवर के साथ अभद्र भाषा में बात करने पर उनके खिलाफ मुख्यमंत्री ने कार्यवाही की है।
सीएम मोहन यादव ने उन्हें शाजापुर कलेक्टर के पद से हटा दिया है। जिस कलेक्टर किशोर कन्याल को हटाया गया है वे अपनी दरियादिली के लिए भी जाने जाते हैं।

शाजापुर में किशोर कन्याल ड्राइवर्स एसोसिएशन की मीटिंग बुलाई थी। बैठक के दौरान कलेक्टर किशोर कन्याल ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। कलेक्टर ने ट्रक ड्राइवर्स की मीटिंग में औकात दिखाने की बात कही थी। कलेक्टर के इस बातचीत की खूब निंदा की जा रही है।
फिलहाल शाजपुर कलेक्टर अपने विवादित बयान की वजह से काफी चर्चा में है। लेकिन वे अपनी दरियादिली के लिए भी जाने जाते हैं।
फरवरी 2023 में किशोर कान्याल की बेटी का विवाह था। उस समय किशोर कान्याल ग्वालियर नगर निगम में कमिश्नर थे। शादी एक होटल से की गई थी, जिसमें कान्याल ने गरीब लोगों को आमंत्रित किया था और उन्हें खुद अपने हाथों से खाना खिलाया था। किशोर कन्याल की बेटी भी खाना परोसते हुए नजर आई थीं। उनकी सादगी भरे ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
दरअसल, चर्चा के बीच कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि कोई भी कानून अपने हाथ में नहीं लेगा। इस पर एक ड्राइवर ने कलेक्टर को कहा अच्छे से बोलो। इतने में कलेक्टर भड़क गए और कहा गलत क्या है। समझ क्या रिया है, क्या करोगे तुम, तुम्हारी औकात क्या है? ड्राइवर ने कहा- यही लड़ाई है हमारी कोई औकात नहीं है। कलेक्टर ने कहा लड़ाई ऐसे नहीं होती है। कृपया करके कोई भी कानून अपने हाथ में न लें, आपकी सारी बातों को सुनने के लिए बैठक बुलाई गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल को हटा दिया। इस मामले पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार में ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं करेंगे। अधिकारी को अपनी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सभी के काम और भाव का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सरकार गरीबों की सरकार है।
MP | CM | Truck Drivers |
शाजापुर में ट्रक डाइवर्स की औकात पूछने वाले कलेक्टर को सीएम मोहन यादव ने हटाया।
सीएम यादव ने कहा, "यह सरकार गरीबों की सरकार है....सबके काम का सम्मान होना चाहिए और भाव का भी सम्मान होना चाहिए।"
"मनुष्यता के नाते ऐसी भाषा हमारी सरकार में बर्दाश्त… pic.twitter.com/xgChJX5fB8
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) January 3, 2024












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