'Adivarta' Tribal Living Museum: सीएम ने बजाया मृदंग, आदिवासियों संग खूब नाचे

खजुराहो में आदिवर्त जनजाति संग्रहालय के उद्घाटन अवसर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान गले में मृदंग टांगकर थाप देकर आदिवासियों संग खूब नाचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और सांसद वीडी शर्मा भी जमकर नाचे।

आदिवर्त में सीएम शिवराज ने आदिवासियों संग मृदंग बजाया


'Adivarta' Tribal Living Museum: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी-20 समिट के दौरान खजुराहो में बीती शाम मप्र की जनजातियों के लिए बसाए गए गांव आदिवर्त संग्रहालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने और केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने इस संग्रहालय का लोकार्पण किया। इस दौरान आयोजित आदिवासी नृत्यों के दौरान सीएम शिवराज, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी, सांसद वीडी शर्मा ने मृदंग बजाया और खूब नाचे। सीएम और राजनेताओं को अपने बीच इस अंदाज में पाकर आदिवासी भी खुशी से फूले नहीं समा रहे थे।
आदिवर्त में सीएम शिवराज ने आदिवासियों संग मृदंग बजाया

'सांस्कृतिक गांव आदिवर्त' का लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छतरपुर जिले खजुराहो में आयोजित जी-20 संस्कृति कार्य समूह की बैठक के आयोजन के अवसर पर मध्य प्रदेश के जनजातीय एवं लोककला राज्य संग्रहालय सांस्कृतिक गांव 'आदिवर्त' का लोकार्पण किया। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आदिवर्त को मध्यप्रदेश जनजातीय एवं लोककला राज्य संग्रहालय के रूप में स्थापित किया गया है। आयोजन के मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, जिले के प्रभारी एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी मौजूद थे।

'आदिवर्त' में प्रदेश की सात जनजातियों को रखा गया है

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    मुख्यमंत्री चौहान ने 'आदिवर्त' गांव में लिखंदरा प्रदर्शनी, संग्रहालय और संगीत नृत्य दीर्घा का अवलोकन भी किया। जनजातीय वर्ग के आवासों में पहुंचकर उनके रहन-सहन और संस्कृति का अवलोकन भी किया। उन्होंने सीएम चौहान ने अगरिया जनजाति द्वारा लोहे से पत्थर बनाने की प्रक्रिया को भी देखा। मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने सांस्कृतिक गांव 'आदिवर्त' की सराहना की। जनजातीय एवं लोक कला के संग्रहालय आदिवर्त में प्रदेश की प्रमुख जनजातियों जिनमें गोंड, बैगा, भील, भारिया, कोरकू, कोल एवं सहरिया के साथ साथ पांचों सांस्कृतिक जनपदों क्रमशः बघेलखंड, बुंदेलखंड, मालवा, निमाड़ एवं चंबल जनपद के प्रतिनिधिक आवासों और जीवन उपयोगी वस्तुओं का निर्माण कर प्रदर्शित किया गया है।

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