MP News: राहुल गांधी को 'पप्पू' कहकर CM मोहन यादव का तीखा हमला, 'नरेंद्र सरेंडर' बयान पर भड़की BJP

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। राहुल ने 3 जून 2025 को भोपाल में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "नरेंद्र सरेंडर" कहकर निशाना साधा और भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित फोन कॉल का जिक्र किया।

इस बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने तीखा पलटवार करते हुए राहुल गांधी को "पप्पू" करार दिया और उनकी परिपक्वता पर सवाल उठाए। सीएम यादव ने कहा, "राहुल गांधी नादान की तरह बात करते हैं। आखिर वे परिपक्व कब होंगे?" इस बयान ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छेड़ दी।

CM Mohan Yadav targeted Rahul Gandhi by calling him Pappu BJP got angry over Narendra surrender

राहुल का बयान, 'ट्रंप का फोन और नरेंद्र सरेंडर'

राहुल गांधी ने भोपाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "1971 में इंदिरा गांधी ने अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को हराकर बांग्लादेश बनाया। लेकिन आज ट्रंप का एक फोन आया और नरेंद्र जी तुरंत सरेंडर हो गए।" राहुल ने यह दावा किया कि 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर स्वीकार किया, जो विदेशी दबाव का परिणाम था। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के बब्बर शेर और शेरनियां सुपरपावर से नहीं डरते, लेकिन भाजपा सरकार दबाव में झुक जाती है।"

इस बयान ने भाजपा को हमलावर होने का मौका दे दिया। राहुल के "नरेंद्र सरेंडर" वाले बयान को भाजपा नेताओं ने देश की सेना और सरकार का अपमान करार दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे "नादानी" और "हल्कापन" बताते हुए राहुल की कड़ी निंदा की।

सीएम मोहन यादव का तीखा पलटवार, 'पप्पू' और माफी की मांग

भोपाल में 4 जून 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम मोहन यादव ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी पहले अपनी दादी (इंदिरा गांधी) के लिए जिस तरह जूते पहनकर फूल फेंककर चले जाते हैं, उसी तरह अब प्रधानमंत्री जी के लिए 'नरेंद्र सरेंडर' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह उनका हल्कापन और नादानी दर्शाता है। मैं कटु शब्दों में उनकी निंदा करता हूं।"

सीएम यादव ने राहुल को "पप्पू" कहकर तंज कसा और उनकी परिपक्वता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "इसीलिए तो राहुल गांधी को 'पप्पू' कहते हैं। आखिर वे परिपक्व कब होंगे? नेता प्रतिपक्ष जैसे गरिमापूर्ण पद पर बैठकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना न केवल उनकी छवि खराब करता है, बल्कि देश के संस्कारों के खिलाफ है।" यादव ने मांग की कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

यादव ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को कई बार सबक सिखाया है। 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक इसका प्रमाण हैं। दुनिया इसकी ताकत मानती है, लेकिन राहुल गांधी नादान की तरह बात करते हैं।"

उमा भारती का भी हमला, 'सरेंडर और सीजफायर का अंतर नहीं जानते'

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "आज तक भारत की सेना ने पाकिस्तान के सामने सरेंडर नहीं किया। राहुल गांधी को इतनी भी अंग्रेजी नहीं आती क्या? सरेंडर और सीजफायर का अंतर समझें।" उमा ने राहुल के बयान को "भारतीय सेना का अपमान" करार दिया और कहा कि उनकी यह बयानबाजी उनकी "संकीर्ण सोच" और "राजनीतिक अपरिपक्वता" को दर्शाती है।

उमा भारती ने एक्स पर लिखा, "भारतीय सेना का इतिहास गौरवशाली है। 1971 में हमने पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया। राहुल गांधी जैसे बयान देकर देश का मनोबल तोड़ने की कोशिश न करें।"

CM Mohan Yadav: भाजपा का तीखा पलटवार

राहुल गांधी के बयान पर भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर हमला बोला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, "राहुल गांधी बार-बार भारत विरोधी बयान देकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। उनकी यह टिप्पणी न केवल गलत है, बल्कि भारतीय सेना और सरकार के प्रति अपमानजनक भी है।"

मध्य प्रदेश भाजपा के अन्य नेताओं ने भी राहुल की निंदा की। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, "राहुल गांधी की बयानबाजी उनकी हताशा दिखाती है। वे विदेश में जाकर भारत की छवि खराब करते हैं और अब देश में भी ऐसी बातें कर रहे हैं।"

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

राहुल गांधी के बयान और सीएम मोहन यादव के "पप्पू" तंज ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। भाजपा समर्थकों ने राहुल को "अनुभवहीन" और "गैर-जिम्मेदार" बताते हुए उनके बयान की निंदा की। एक यूजर ने एक्स पर लिखा, "सीएम मोहन यादव ने सही कहा। राहुल गांधी को 'पप्पू' इसलिए कहते हैं क्योंकि वे ऐसी बचकानी बातें करते हैं। भारतीय सेना का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। #BharatFirst"

वहीं, कांग्रेस समर्थकों ने राहुल का बचाव करते हुए कहा कि वे सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "राहुल गांधी ने सीजफायर के पीछे के कारणों पर सवाल उठाया। सीएम यादव को 'पप्पू' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की बजाय जवाब देना चाहिए।"

सीजफायर और गलवान का संदर्भ

राहुल गांधी का बयान 2020 के गलवान घाटी संघर्ष और हालिया ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर समझौते के संदर्भ में था। इस समझौते को लेकर विपक्ष ने कई बार सवाल उठाए हैं, जिसमें यह पूछा गया कि क्या यह फैसला विदेशी दबाव का नतीजा था।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीजफायर का निर्णय सामरिक और कूटनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया, जो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए जरूरी था। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सीजफायर और सरेंडर में बड़ा अंतर है, और राहुल का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है।

राहुल की बयानबाजी और भाजपा की रणनीति

राहुल गांधी की यह बयानबाजी कोई नई बात नहीं है। वे अक्सर केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर तीखे हमले करते रहे हैं। 2024 में लंदन में दिए उनके बयान, जिसमें उन्होंने भारत में लोकतंत्र पर सवाल उठाए थे, को लेकर भी विवाद हुआ था। इस बार भोपाल में उनके बयान ने भाजपा को एक बार फिर हमलावर होने का मौका दे दिया।

भाजपा ने इसे कांग्रेस की "भारत विरोधी" सोच के रूप में पेश करने की रणनीति अपनाई है। सीएम मोहन यादव ने कहा, "राहुल गांधी की बयानबाजी देश के संस्कारों के खिलाफ है। वे न केवल अपनी छवि खराब कर रहे हैं, बल्कि कांग्रेस को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।"

क्या होगा आगे?

यह विवाद यहीं थमने वाला नहीं लगता। राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि भाजपा इसे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बताकर पलटवार कर रही है। मध्य प्रदेश में विधानसभा सत्र नजदीक होने के साथ ही यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

सीएम मोहन यादव ने अपने बयान के अंत में कहा, "राहुल गांधी को अपनी भाषा और बयानबाजी पर ध्यान देना चाहिए। देश की जनता सब समझती है।" यह बयान न केवल एक राजनीतिक हमला है, बल्कि यह 2025 में मध्य प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली सियासी जंग को और गर्म करने की संभावना रखता है। जैसे-जैसे यह बहस तेज होती जा रही है, यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इस हमले का जवाब कैसे देते हैं।

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