MP News: CM मोहन यादव ने तीन कलेक्टरों को लगाई फटकार,जानिए कैसे समाधान ऑनलाइन के दौरान अफसरों की लगी क्लास
MP CM News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हाल ही में प्रशासनिक अधिकारियों पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। बैतूल, गुना और दतिया जिलों के कलेक्टरों को मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान कड़ी फटकार लगाई।
मुख्यमंत्री ने उन्हें निर्देश दिया कि वे इस कार्यक्रम में पूरी तैयारी के साथ आएं और जो सवाल पूछे जाएं, उनके जवाब तुरंत और सटीक रूप से दें।

समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में उठी शिकायतें और कलेक्टरों की तैयारी पर सवाल
समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण बैठक में जिलों के कलेक्टरों, शिकायतकर्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से बातचीत की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने दो घंटे तक अधिकारियों से जुड़े मामलों पर चर्चा की और समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई का आह्वान किया।
मीटिंग के दौरान, मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बैतूल, गुना और दतिया के कलेक्टरों से अपने जिले से संबंधित मामलों की जानकारी मांगी। लेकिन यह देखकर हैरान करने वाली बात थी कि ये कलेक्टर अपनी पूरी तैयारी के साथ नहीं आए थे। मुख्यमंत्री ने इन कलेक्टरों से कहा कि जब आप जिले के जिम्मेदार अधिकारी हैं, तो आपको शिकायतों का समाधान करने के लिए पूरी जानकारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "आपको सरकार ने कलेक्टर बनाकर जिम्मेदारी दी है, और अगर आपको ही अपने जिले के मामलों की जानकारी नहीं है, तो आपका वहां काम क्या है?"
मुख्यमंत्री की नाराजगी का कारण यह था कि इन कलेक्टरों ने मुख्यमंत्री द्वारा पूछी गई जानकारी के लिए अपने अधीनस्थों से जानकारी मांगी, बजाय इसके कि वे स्वयं सभी जानकारी के साथ तैयार होकर आते। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अधिकारियों को पहले से पूरी तैयारी करके आना चाहिए, ताकि जवाब तुरंत और सटीक दिए जा सकें।
कार्यवाही: कई अधिकारियों पर कार्रवाई
समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान कड़ी कार्रवाई भी की गई। तीन अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया, जबकि एक अधिकारी की सेवा समाप्त कर दी गई। इसके अलावा, दो अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोक दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश जाएगा कि कोई भी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता।
नागरिकों को मिली राहत
समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान कई नागरिकों को राहत मिली। छात्रवृत्ति और राजस्व से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई। उदाहरण के तौर पर, बैतूल जिले के चंद्रप्रकाश धोते के बंटवारे के आवेदन का समाधान किया गया, जबकि सागर की खुशबू गुर्जर को निशुल्क साइकिल वितरण में विलंब की शिकायत आने पर उसे साइकिल प्रदान की गई। इसी तरह शीतल तिवारी को 'गांव की बेटी योजना' के तहत मिलने वाली राशि में विलंब होने पर उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी को निलंबित किया गया और एक अधिकारी की सेवा समाप्त की गई।
इसके अलावा, कुछ अन्य मामलों में भी त्वरित निर्णय लिए गए। जैसे कि सिंगरौली के रमेश वर्मा को उनकी जमीन पर कब्जा दिलवाने के मामले में नगरी विकास एवं आवास विभाग के कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोक दी गई। वहीं, झाबुआ जिले के विजय सिंह चौहान के प्रकरण में बिजली ट्रांसफर में विलंब होने पर दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। भिंड में वीर सिंह को छात्रवृत्ति भुगतान में विलंब पर भी कार्रवाई की गई।
अर्थदंड और राहत
आयुष्मान योजना के लाभ में विलंब से मिलने की शिकायत पर भेड़ाघाट के राहुल सिंह के प्रकरण में दोषी कर्मी पर 82 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा, नागरिक को राहत प्रदान करते हुए उपचार की राशि के अलावा ₹5000 का अतिरिक्त मुआवजा भी दिया गया।
मुख्यमंत्री का संदेश
समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना होगा। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से पालन करना होगा और शिकायतों का समाधान त्वरित रूप से किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि अब कोई भी अधिकारी अपने कर्तव्यों से भागने की कोशिश नहीं करेगा, और जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री की यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। समाधान ऑनलाइन जैसी पहल से नागरिकों की समस्याओं का समाधान जल्दी और प्रभावी तरीके से हो रहा है, और इसके माध्यम से सरकार अधिकारियों के कार्यों में सुधार लाने की दिशा में भी काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने किया सीएम हेल्पलाइन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने हाल ही में सीएम हेल्पलाइन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों और अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने उन जिलों के अधिकारियों की सराहना की, जिन्होंने सीएम हेल्पलाइन के तहत नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान किया। इन जिलों में सागर, कटनी, सिंगरौली, विदिशा और सीहोर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन जिलों को बेहतर कार्य करने के लिए विशेष बधाई दी और अधिकारियों के समर्पण और मेहनत की सराहना की।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने उन विभागों को भी बधाई दी जिन्होंने उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन किया। इन विभागों में ऊर्जा, नगरीय विकास, महिला एवं बाल विकास, पंचायत ग्रामीण विकास और गृह विभाग प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने इन विभागों के प्रयासों को सराहा और उनका उत्साहवर्धन किया, ताकि अन्य विभागों के लिए भी यह एक प्रेरणा का स्रोत बने।
जन-कल्याण कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में जन-कल्याण के कार्यों को गति देने के लिए सरकार ने एक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे 26 जनवरी तक घर-घर जाकर नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने का काम पूरा करें। यह अभियान गत 11 दिसंबर से शुरू हुआ था और इसका लक्ष्य है कि 22 जनवरी तक इसकी सभी गतिविधियों को पूर्ण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जन-कल्याण कार्यों के अंतर्गत लंबित मामलों का तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनहित के मामलों में तत्परता से काम करें और किसी भी प्रकार की देरी से बचें।












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