क्षिप्रा नदी बनेगी निर्मल, सीएम ने सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का किया भूमि-पूजन
Madhya Pradesh News: सीएम मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में 614 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत की सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का भूमि-पूजन की। इस अवसर पर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, बाल योगी उमेशनाथ महाराज, एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल शामिल थे।
इस अवसर पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश तो नदियों का मायका है। नदियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मां क्षिप्रा नदी तो पूरे उज्जैन का परिक्रमा करते हुए जाती है। क्षिप्रा मैया के जल को पवित्र रखने के लिए हम हरसंभव प्रयास करेंगे।

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 700 करोड़ रुपए की लागत से एक नई योजना शुरू की गई है, जिससे प्रदूषित जल को क्षिप्रा नदी में मिलने से रोका जा सके। इससे सिंहस्थ की दृष्टि से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को क्षिप्रा जी के शुद्ध जल से स्नान करने की व्यवस्था संभव होगी तथा कान्ह नदी के जल का शोधन करके गंभीर नदी में भेजा जाएगा, जहां से किसान सिंचाई के लिए इस पानी को ले सकेंगे।
केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने इस मौके पर कहा कि क्षिप्रा नदी जो गंदी हो रही थी उसको स्वच्छ करने का काम मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। उन्होंने कहा कि कई लोगो को देखे होंगे प्रोजेक्ट शुरु करते है तो रिवन काटते है, दीप जलाते है आज मैने देखा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं टनल के अंदर 100 फुट नीचे गए और टनल का काम कैसे चल रहा है खुद अपने आंखों से देखा। उन्होंने वहां काम करने वाले अधिकारी, कर्मचारी, मजदुर और ठेकेदार सबको विश्वास दिलाया कि आप जो काम कर रहे हैं वो जनहित का कार्य है। मुझे भी आपकी चिंता है।
मंत्री पाटिल ने कहा कि सीएम मोहन यादव के मन की गहराईयों में आप सभी जनता के लिए सुख और हित है। आपको बता दे कि यह परियोजना मई 2027 तक पूरी की जानी है। इस परियोजना की कुल लम्बाई 30.15 कि.मी है। जिसमें 18.15 कि.मी. लम्बाई में कट एण्ड कव्हर द्वारा क्लोज डक्ट का निर्माण किया जाएगा। साथ ही 12 कि.मी. लम्बाई में टनल का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे दूषित जल डायवर्ट होगा।












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