कलेक्टर ने जिस लेखापाल को सस्पेंड किया, दूसरे दिन उसकी मौत हो गई
सांसद निधि के काम में लापरवाही करने पर छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर ने नौगांव जनपद के अकाउंटेंट को बीते रोज निलंबित किया था। महज 24 घंटे के अंदर सस्पेंड हुए लेखापाल की मौत हो गई। घटना की जानकारी लगते ही नौगांव से लेकर छतरपुर तक हड़कंप मच गया।

Madhya Pradesh के छतरपुर जिले के नौगांव जनपद पंचायत कार्यालय में पदस्थ लेखापाल को सांसद निधि की राशि आहरण करने और उसे संबंधित बैंक खाते में जमा करने मे लापरवाही पर निलंबित कर दिया था। कलेक्टर संदीप जीआर ने गुरुवार को ही उसे निलंबित किया था, इधर शुक्रवार सुबह सस्पेंड कर्मचारी को रास्ते में ही हार्ट अटैक आ गया। जब तक उसे अस्पताल लेकर पहुंचे उसकी मौत हो चुकी थी।
कल सस्पेंड हुआ, आज मौत हो गई
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार छतरपुर कलेक्टर संदीप जीआर ने जनपद पंचायत नौगांव में लेखापाल अनिल खरे को एक मामले में दोषी पाए जाने पर निलंबित किया था। शुक्रवार को लेखापाल की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है। परिजन के अनुसार लेखापाल अनिल जब शुक्रवार को अलीपुरा से नौगांव आ रहे थे, उन्हे पुतरया टोल प्लाजा के पासस बेचैनी और चक्कर महसूस हुए। उन्हें वहां से उन्हे हाईवे की एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ केंद्र लेकर पहुंचे थे, लेकिन उनकी जब तक मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बताया कि कल से ही लेखापाल अनिल खरे अधिक तनाव में थे और आज उनके साथ यह घटना घट गई।
बता दें कि लेखापाल को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना की प्रथम किश्त की राशि को आहरण करते हुए बैंक खाते में जमा करने के लिए आदेशित किया गया था, लेकिन उनके द्वारा यह काम नहीं किया गया था, जिस कारण से कलेक्टर संदीप जीआर ने निलंबित कर दिया था।












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