MP News: रीवा के चाकघाट में परीक्षा में नकल का खुलासा, छात्रों ने 1500 रुपए देकर मोबाइल से की चीटिंग
चाकघाट के नेहरू स्मारक कॉलेज में भोज ओपन यूनिवर्सिटी की परीक्षा के दौरान नकल का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंगलवार को हुई परीक्षा का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें छात्र मोबाइल से नकल करते हुए नजर आ रहे हैं।
वीडियो में छात्र यह भी कबूल कर रहे हैं कि उन्होंने 1000 से 1500 रुपए की राशि देकर नकल करने की अनुमति प्राप्त की थी।

यह घटना चाकघाट के नेहरू स्मारक कॉलेज में एमएससी (M.Sc.) के डिस्क्रीट मैथेमेटिक्स पेपर की है। इस परीक्षा में 60 से अधिक छात्र उपस्थित थे। वीडियो में छात्र कैमरे के सामने यह स्वीकार कर रहे हैं कि उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन से नकल करने के लिए पैसे दिए थे। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन ही नकल की व्यवस्था करता है और छात्रों से 1000 से 1500 रुपए लेकर नकल करने की अनुमति दी जाती है।
वीडियो में छात्रों का खुलासा
वीडियो में छात्रों ने ऑन कैमरा यह स्वीकार किया कि परीक्षा के दौरान उन्होंने नकल करने के लिए पैसे दिए थे। एक छात्र ने कहा, "हमने 1500 रुपए दिए थे ताकि हमें नकल करने की अनुमति मिल सके। कॉलेज में नकल की व्यवस्था इस प्रकार की जाती है कि पैसे देकर छात्रों को नकल करने की छूट मिल जाती है।"
उच्च शिक्षा विभाग का संज्ञान
इस घटना को लेकर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। डॉ. सिंह ने कहा, "वीडियो में छात्रों द्वारा नकल कराने के लिए पैसे देने की बात कबूल की जा रही है, जिस पर विभाग जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
कॉलेज में क्या हो रहा था?
बात करें परीक्षा की, तो यह परीक्षा भोज ओपन यूनिवर्सिटी के विभिन्न पाठ्यक्रमों की एक नियमित परीक्षा थी। 10 फरवरी से 5 मार्च तक इन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा में 60 छात्र शामिल थे और डिस्क्रीट मैथेमेटिक्स का पेपर था। परीक्षा में नकल के आरोप ऐसे समय में उठे हैं जब ओपन यूनिवर्सिटी के परीक्षा परिणामों की भी निगरानी की जा रही है।
आगे क्या होगा?
यह मामला न केवल चाकघाट बल्कि मध्य प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़ा करता है। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह एक बड़ी जांच का विषय बन सकता है। महाविद्यालय प्रबंधन और उच्च शिक्षा विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे कॉलेज में इस तरह की व्यवस्था चल रही है, जहां छात्रों को खुलेआम नकल करने की अनुमति दी जा रही है।
उच्च शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर जांच में यह पाया जाता है कि कॉलेज प्रबंधन ने इस नकल गतिविधि में शामिल होने में मदद की है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल चाकघाट बल्कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली है। परीक्षा के दौरान नकल का यह मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है, और अगर इस तरह की गतिविधियाँ रोकने में सफलता नहीं मिलती है, तो भविष्य में छात्रों की गुणवत्ता और शैक्षिक स्तर पर असर पड़ेगा।












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