MP News: संगठन के बयान पर सिंधिया ने साधी चुप्पी, गुना में बोले- बयान के बयान में नहीं लगता, जानिए पूरा विवाद
मध्य प्रदेश के विजयपुर उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रचार में न जाने का मामला अब पार्टी के भीतर एक तकरार का रूप लेता जा रहा है। भाजपा संगठन ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सिंधिया को प्रचार के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए प्रचार में भाग लेने से मना कर दिया।
वहीं, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि वे "बयान के बयान में नहीं लगते।"

सिंधिया का बयान: "अगर बुलाया जाता तो जाता"
शनिवार को जब सिंधिया ग्वालियर पहुंचे, तो उन्होंने विजयपुर उपचुनाव में वन मंत्री रामनिवास रावत की हार पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमें चिंतन करना होगा। यह हार चिंता की बात है। यदि मुझसे वहां प्रचार का कहा होता, तो मैं जरूर जाता। मैं जनता का सेवक हूं।" इस बयान से यह साफ हुआ कि यदि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया जाता तो वे इसे अस्वीकार नहीं करते, और यह भी संकेत दिया कि उनकी अनुपस्थिति सिर्फ उनके व्यस्त कार्यक्रम के कारण थी।
भाजपा का जवाब: "सिंधिया को बुलाया गया था"
सिंधिया के बयान के बाद भाजपा संगठन ने अपनी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रदेश महामंत्री और विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि विजयपुर उपचुनाव में सिंधिया को स्टार प्रचारकों की सूची में रखा गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद ने उन्हें विजयपुर में प्रचार के लिए आमंत्रित किया था। हालांकि, सिंधिया ने अपनी व्यस्तता के कारण प्रचार में भाग नहीं लिया। भाजपा ने स्पष्ट किया कि सिंधिया को प्रचार के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार किया, ऐसा नहीं है कि उन्हें बुलाया नहीं गया था।
सिंधिया ने टाला विवाद: "बयान के बयान में नहीं लगता"
इस बयान के बाद रविवार को जब सिंधिया से भगवानदास सबनानी के बयान पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इसे टालते हुए कहा, "मैं बयान के बयान में नहीं लगता।" इसका मतलब था कि वे इस मुद्दे पर और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते थे और विवाद को और बढ़ाना नहीं चाहते थे।












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