बुंदेलखंड की माया जिज्जी को अमेरिका की वंडर वूमन मैग्जीन में मिली जगह
America से प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित मैग्जीन वंडर वूमन (Magazine Wonder Woman) में बुंदेलखंड की एएनएम माया अहिरवार और शिवपुरी जिले की अलका श्रीवास्वत को जगह दी गई है। यह सम्मान इसलिए मिला है, क्योंकि कोरोना काल में इन दोनों महिलाओं ने पूरे प्रदेश और देश में बिना अवकाश लिए पूरे साल काम करके एक लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण किया था। पूर्व में इन महिलाओं को मप्र शासन भी सम्मानित कर चुका है।

Bundelkhand की जिज्जी माया अहिरवार के नाम की चर्चा सात समंदर दूर तक चल पड़ी है। कोरोना काल में जहां लोग घरों में दुबके थे, वहीं जिज्जी ने घर-घर घूमकर उनका जीवन बचाया। दरअसल कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने टीकाकरण अभियान शुरू किया था। इसमें लोगों को कोरोना की वैक्सीन का डोज दिया गया। इसमें जिज्जी ने अनूठी मिसाल कायम कर दी। वह छतरपुर जिले के जिस गांव में भी टीके लगाने जाती तो गांव के लोग उन्हें जिज्जी का संबोधन देते थे। दरअसल जिला अस्पताल में पदस्थ नर्स माया ने एक लाख से अधिक लोगों को टीके लगाकर कीर्तिमान रचा है। उन्हें काम का इस कदर जुनून था कि एक साल तक बिना छुट्टी के काम किया। यहां तक अपने बच्चों से भी नहीं मिल पाईं।

अमेरिका की संघीय सरकारी एजेंसी के सहयोग से वंडर वूमैन पुस्तिका जारी की है
माया अहिरवार के इस योगदान को संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकारी एजेंसी के सहयोग से वंडर वूमन पुस्तिका जारी की है, इसमें माया को कोविड टीकाकरण के लिए इस पुस्तिका में स्थान दिया गया और कार्य करने की सराहना की गई है। माया ने 1 लाख 13 हजार से अधिक कोविड टीकाकरण किया था।
जिले में पहला कोविड टीका माया ने ही लगाया था
माया ने बताया कि 16 जनवरी 2021 को जिले में कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हुई थी। जिले में कोरोना का पहला टीका जिले में माया अहिरवार ने ही लगाया था। उनका कहना है कि एक से लेकर एक लाख टीके का सफर कब पूरा हो गया, पता ही नहीं चला। उन्हें अंतरर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर केंद्रीय स्वाथ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सम्मानित किया। मप्र की सिर्फ दो एएनएम को यह सम्मान मिला। उनके अलावा शिवपुरी की अलका श्रीवास्तव भी शामिल हैं। माया की तारीफ सीएम शिवराज खुद कर चुके हैं।












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