Sidhi पेशाब कांड के आरोपी का घर तोड़ने पर भड़का ब्राह्मण समाज, जबलपुर हाई कोर्ट जाने का फैसला
Brahmin society: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी युवक के साथ हुए पेशाब कांड के बाद आरोपी के खिलाफ सरकार ने जहां बिना देर किए तेज एक्शन लिया, वहीं अब घर तोड़ने की हुई कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया हैं। इसके खिलाफ ब्राह्मण समाज ने हाई कोर्ट जाने का बड़ा फैसला लिया हैं।
पीटीआई के हवाले से सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने लिया हैं। संगठन के प्रदेश प्रमुख पुष्पेन्द्र मिश्रा ने कहा कि वह पूरा समाज शुक्ला परिवार की हर संभव मदद के लिए खड़ा हैं। जिस तरह कार्रवाई की गई, वह ठीक नहीं हैं।
मिश्रा ने प्रदेश के सभी जिलों के अध्यक्षों को भी एक जुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कि 'प्रवेश शुक्ला जैसा आदमी किसी भी जाति और समाज में स्वीकार्य नहीं है। उनका कृत्य बेहद निंदनीय है'। पूरा समाज भी उस घटना का विरोध करता हैं।

संगठन के प्रदेश प्रमुख मिश्रा ने कहा है कि इस घृणित कार्य के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और उसे कानून के हिसाब से मिलने वाली सजा पर कोई एतराज नहीं हैं, लेकिन क्या किसी और के कृत्य के लिए दूसरों को दंडित करना वैध है? समाज की ओर से आरोप है कि शुक्ला परिवार के घर के बरामदे सहित 400 वर्ग फुट से अधिक की जिस जगह को प्रशासन ने अवैध करार देते हुए तोड़ा वह एक पक्षीय कार्रवाई हुई। क्योकि वह घर न तो आरोपी प्रवेश शुक्ला के नाम पर है और न ही संबंधित भूमि पर निर्मित आवास का कोई हिस्सा प्रवेश के नाम पर है।
बिना पक्ष सुने और नोटिस का जबाव दिए बिना ऐसी कार्रवाई संवैधानिक हैं। ब्राह्मण समाज ने घोषणा की है कि वह सरकार द्वारा घर तोड़ने के उठाए गए इस कदम का प्रदेश स्तर पर विरोध करेगी। ऐसा निर्णय लेने वालों के खिलाफ जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की जा रही हैं। बताया गया कि शुक्ला परिवार का घर टूटने के बाद समाज के सीधी जिला अध्यक्ष राकेश दुबे ने स्थानीय इकाई के माध्यम से 51 हजार रुपये की सहायता राशि पीड़ित शुक्ला परिवार को सौंपी हैं। कहा है कि घर तोड़ने की कार्रवाई से पूरा परिवार मानसिक रूप से आहत हुआ हैं। उन्हें इंसाफ दिलाने हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।












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