MP News: "संविधान बचाओ, जाति प्रमाण पत्र बनाओ" – कांग्रेस विधायक विधायक फूल सिंह बरैया की हुंकार!
MP News: मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने मोहन यादव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जाति प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया।
उन्होंने भोपाल में कांग्रेस कार्यालय के सामने व्यापक प्रदर्शन करते हुए सरकार से बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने की मांग की।

फूल सिंह बरैया, जो दतिया जिले की भांडेर विधानसभा से कांग्रेस के विधायक हैं और बहुजन समाज के प्रमुख नेता माने जाते हैं, ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रदेश में दलित, वंचित और शोषित समाज के लोग जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार संविधान को कमजोर करने की साजिश रच रही है।

आज दिनांक 11 मार्च 2025 को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम में विधायक फूल सिंह बरैया ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने "संविधान बचाओ, जाति प्रमाण पत्र बनाओ" का नारा दिया और प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि तीन महीने के भीतर प्रदेश में जन्मे और शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस मुद्दे को लेकर "संविधान बचाओ, जाति प्रमाण पत्र बनाओ" मंच द्वारा विधानसभा पर भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यक्रम के संयोजक सिद्धार्थ मोरे ने कहा कि सरकार की उदासीनता से दलित और पिछड़े वर्गों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कई संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं को तत्काल हल करने की मांग की गई।
जाति प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में आ रही समस्याएं:
- राज्य में जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जटिल प्रक्रिया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है।
- प्रदेश भर में प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में एकरूपता नहीं होने के कारण आवेदकों को अलग-अलग नियमों का सामना करना पड़ता है।
- दूसरे राज्यों से आए लोगों को जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जबकि फर्जी प्रमाण पत्र आसानी से बन जाते हैं।
इस आंदोलन से प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है और सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और दलित एवं वंचित समाज की इस मांग को कब तक पूरा किया जाता है।












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