MP News: अवैध हॉस्टल से गायब 26 बच्चियां की गई बरामद, CM यादव बोले- लापरवाही करने वालों को नहीं जाएगा बख्शा
Bhopal news: राजधानी में अवैध रूप से संचालित NGO के हॉस्टल (चिल्ड्रन होम) से लापता सभी 26 बच्चियां मिल गई हैं। इन्हें भोपाल और आसपास के क्षेत्र से बरामद किया गया है।
इस मामले में सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा है कि लापता बालिकाओं का वेरिफिकेशन हो गया है, सभी बेटियां सुरक्षित हैं और उनकी पहचान भी कर ली गई है। एक भी दोषी और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह आंचल चिल्ड्रन होम का अवैध संचालन कर रहा था।

भोपाल पुलिस कर रही जांच
एसपी ने बताया कि बच्चियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब तक की जांच में बच्चियों के साथ किसी प्रकार के यौन उत्पीड़न और मारपीट संबंधी बात सामने नहीं आई है। सभी पहलुओं पर मामले की जांच की जा रही है और आंचल चिल्ड्रन होम के अवैध संचालन के बारे में एफआईआर दर्ज की गई है।
अधिकारी सस्पेंड
महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी कोमल उपाध्याय और सुपरवाइजर मंजूषा राज को सस्पेंड किया गया है, और गंजबासौदा के परियोजना अधिकारी बृजेंद्र प्रताप सिंह को भी सस्पेंड किया गया है। भोपाल संभाग आयुक्त पवन कुमार शर्मा ने जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार सोलंकी और सहायक संचालक समेकित बाल संरक्षण योजना रामगोपाल यादव को शोकॉज नोटिस जारी किया है।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने शुक्रवार को आंचल मिशनरी संस्था से संचालित चिल्ड्रन होम का निरीक्षण किया था, जिसमें वेरिफाइ की गई बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इनमें से 6 से 18 साल की बच्चियों में 3 मुस्लिम, 3 क्रिश्चियन और 35 हिंदू हैं।

CM डॉ मोहन यादव का बड़ा बायन
CM डॉ मोहन यादव ने इस मामले में कहा है कि लापता बालिकाओं का वेरिफिकेशन हो गया है, सभी बेटियां सुरक्षित हैं और उनकी पहचान भी कर ली गई है। उन्होंने एक भी दोषी और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा यह सुनिश्चित करने का आदान-प्रदान किया है।
आंचल नामक हॉस्टल में कुल 68 बच्चियां रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से शुक्रवार को राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के निरीक्षण में से केवल 41 बच्चियां मौके पर मिलीं। इस पर परवलिया पुलिस ने हॉस्टल संचालक और पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी जांच रिपोर्ट के लिए मुख्य सचिव से सत्रह दिन में मांग की है।
इस मामले में परियोजना अधिकारी सहित तीन लोगों को सस्पेंड किया गया है और शनिवार को ही एसपी और कलेक्टर ने हॉस्टल का दौरा किया है। जांच में प्राथमिक बातचीत से पता चला है कि 26 बच्चियां रजिस्ट्रेशन के बाद मन नहीं लगने से अपने परिवार के पास चली गईं हैं, जिसका सत्यापन किया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications